सुल्तानपुर। मनरेगा के कार्य में फर्जी फोटो अपलोड करके मजदूरी हड़पने के धंधे पर जल्द ही शिकंजा कस जाएगा। इसके लिए सक्रिय जॉब कार्डधारकों की ई केवाईसी कराई जा रही है। ईकेवाईसी होने पर कार्यस्थल पर श्रमिकों की फोटो एप पर अपलोड हो सकेगी। यदि फोटो को दोबारा अपलोड की कोशिश की जाएगी तो एप खारिज कर देगा।
इस व्यवस्था से मनरेगा में फर्जी फोटो अपलोड नहीं की जा सकेगी। शासन के निर्देश पर जॉब कार्डधारकों की ई केवाईसी कराई जा रही है। अभी तक 1,16,626 श्रमिकों की ई केवाईसी का कार्य पूरा हो गया है। करीब एक लाख सात हजार मनरेगा मजदूरों की ई केवाईसी कराया जाना है। जिले में कुल 2,23,725 मनरेगा के सक्रिय जॉब कार्डधारक हैं।
ई केवाईसी होने के बाद कार्यस्थल पर ली गई फोटो से आधार की फोटो का मिलान होगा। एप पर दूसरे कार्यस्थल की फोटो से भी मिलान हो जाएगा। मनरेगा उपायुक्त अजीत सिंह ने बताया कि एप पर ऐसी व्यवस्था की गई है। मिलान में गड़बड़ी मिलने पर फोटो को एप खारिज कर देगा। कार्यस्थल से दूर की फोटो नहीं अपलोड हो सकेगी। आंख के रेटीना से मजदूरों की एप पर पहचान होगी। सभी मजदूरों की ईकेवाईसी होने से मजदूरी में गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।