दोस्तपुर (सुल्तानपुर)। थाना क्षेत्र के ताजुद्दीनपुर गांव में बुधवार की रात पारिवारिक विवाद में चचेरे भाइयों के परिवार आपस में भिड़ गए। मारपीट में दोनों तरफ से धारदार हथियार चले। इसमें दोनों पक्ष के आठ लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी दोस्तपुर ले जाया गया, जहां से दोनों चचेरे भाइयों समेत तीन को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में छोटे चचेरे भाई की मौत हो गई, जबकि बड़े चचेरे भाई की हालत गंभीर देखते हुए उसे चिकित्सकों ने ट्राॅमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दोस्तपुर थाना क्षेत्र के ताजुद्दीनपुर गांव निवासी आत्माराम उर्फ रामू (35) का चचेरे भाई हौसिला प्रसाद उर्फ गिरदेलाल (50) से पारिवारिक विवाद है। बुधवार की रात हौसिला प्रसाद की पुत्री रेेनू किसी काम से घर से बाहर निकली थी। रास्ते में उसकी आत्माराम से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ते पर रेनू ने अपने घरवालों को बुला लिया। वहींं शोर-शराबा सुनकर आत्माराम के पक्ष के लोग भी पहुंच गए। दोनों पक्षों में लाठियों व धारदार हथियार से मारपीट होने लगी। मारपीट में आत्माराम उर्फ रामू, उसकी पत्नी आरती देवी (33), पुत्र विपिन (14) गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरे पक्ष से हौसिला प्रसाद, उनकी पत्नी विद्या देवी (45), पुत्री किरन देवी (20) व रेनू (15) घायल हो गई। बीचबचाव करने में पड़ोस के रामदौर चौहान की पत्नी सुमित्रा (52) भी घायल हो गई।
ग्रामीणों ने मारपीट की जानकारी दोस्तपुर थाने की पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने पर मारपीट रुक गई। सभी घायलों को दोस्तपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां से आत्माराम उर्फ रामू, उनकी पत्नी आरती व हौसिला प्रसाद को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान आत्माराम उर्फ रामू की मौत हो गई। हौसिला प्रसाद की हालत नाजुक देखते हुुए चिकित्सकों ने उन्हें ट्राॅमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। बृहस्पतिवार को आत्माराम के पुत्र विपिन की तहरीर पर दोस्तपुर थाने में हौसिला प्रसाद, विद्या देवी, किरन, रेनू समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस संबंंध में दोस्तपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
बड़े विवाद की जड़ बनी अफवाह
ग्रामीणों के मुताबिक आत्माराम उर्फ रामू व हौसिला प्रसाद के बीच काफी दिनों से पारिवारिक विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों में अक्सर झगड़ा होता था। बताया जा रहा है कि हौसिला प्रसाद की पुत्री किरन का जहां विवाह हुआ था, वहां पर आत्माराम के परिवार के लोगों ने कुछ अफवाह फैला दी थी। इसकी वजह से रिश्ता टूटने की कगार पर आ गया था। आखिर में यही घटना की जड़ बन गया।
मुखिया की हत्या से परिवार पर टूूटा दुखों का पहाड़
आत्माराम एक ईंट-भट्टे पर ट्रैक्टर का ड्राइवर था। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसके तीन बच्चे हैं। बड़ा पुत्र विपिन, दूसरे नंंबर पर सचिन (11) व एक पुत्री आंचल (06) है। मुखिया की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूूट पड़ा है।