सुल्तानपुर। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह के खिलाफ अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में गैर जमानती वारंट करने के मुद्दे पर शुक्रवार को सीजेएम किरण गौड़ की कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेएम ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है।
रायबरेली के सलोन में अस्पताल निर्माण के लिए केंद्रीय आयुष मंत्री को संदर्भित पत्र में कूटरचना करने और प्रधानमंत्री के नाम पर कूटरचना कर पत्र लिखने के मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता की ओर से मुसाफिरखाना में दर्ज कराए गए केस में प्रतापगढ़ के रायचंदपुर गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह, कांग्रेस के पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो व अयोध्या के कुमारगंज निवासी रजनीश सिंह को आरोपी बनाया गया था। वर्तिका सिंह व रजनीश सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जबकि कांग्रेस के पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो का नाम विवेचना में निकाल दिया गया था।
गत दिनों सीजेएम ने वर्तिका सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश देते हुए सुनवाई के लिए 24 जून की तिथि नियत की थी। शुक्रवार को वादी मुकदमा विजय गुप्ता के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर वर्तिका सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की। उनहोंने कहा कि वर्तिका सिंह कोर्ट में हाजिर नहीं होकर मामले को विलंबित कर रही हैं। इसका वर्तिका सिंह के अधिवक्ता की ओर से विरोध किया गया। सीजेएम किरण गौड़ ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है।