सुल्तानपुर। 16 वर्ष पूर्व छप्पर रखने के विवाद में जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे अभय श्रीवास्तव ने सोमवार को चार आरोपियों को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास व 46 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। घटना लंभुआ क्षेत्र के खानीपुर गांव में हुई थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक खानीपुर निवासी सत्य नरायन यादव 16 अप्रैल 2006 को अपने मकान के बगल छप्पर रख रहे थे। आरोप है कि गांव के राम मिलन यादव, राम बहाल, रघुवंश व हंस बहादुर ने छप्पर रखने से मना किया तो दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। विवाद बढ़ने पर राम मिलन यादव, राम बहाल, रघुवंश व हंस बहादुर ने सत्य नरायन पर लाठी से हमला कर दिया। गुहार पर बीच-बचाव करने के पहुंची सत्य नरायन की बहू मालती व एक वर्षीय नाती शैलेंद्र को भी हमलावरों ने मारपीट कर घायल कर दिया था। गंभीर हालत में शैलेंद्र को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने सत्य नरायन की तहरीर पर दर्ज केस की विवेचना पूरी कर राम मिलन यादव, राम बहाल, रघुवंश व हंस बहादुर के खिलाफ जानलेवा हमला करने के अभियोग में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने घटना को साबित करने के लिए नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। सोमवार को एडीजे अभय श्रीवास्तव ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी राम मिलन यादव, राम बहाल, रघुवंश व हंस बहादुर को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास व 46 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।