सुल्तानपुर। रिटायर्ड तहसीलदार की पत्नी की हत्या करने के मामले में एडीजे प्रथम आनंद प्रकाश ने मंगलवार को आरोपी पौत्र को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। तीन वर्ष पूर्व संपत्ति के विवाद में पौत्र ने बांका से मारकर अपनी दादी की हत्या कर दी धी।
कूरेभार कस्बे के रहने वाले रिटायर्ड तहसीलदार राम प्रेम वर्मा के पौत्र वीरेंद्र प्रसाद का संपत्ति को लेकर परिवारीजनों से विवाद चल रहा था। 29/30 मार्च 2017 की रात में कूरेभार कस्बा स्थित कारखाना परिसर में राम प्रेम वर्मा की पत्नी कैलाशपती व पौत्र राजेंद्र प्रसाद सो रहे थे। दूसरे पौत्र वीरेंद्र प्रसाद ने बांका से मारकर दादी कैलाशपती को घायल कर दिया था। गंभीर हालत में कैलाशपती को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतका के पुत्र देवेंद्र प्रसाद की तहरीर पर आरोपी वीरेंद्र प्रसाद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी (क्रिमिनल) राम अचल मिश्र ने घटना को साबित करने के लिए छह गवाहों को कोर्ट में पेश किया। मंगलवार को एडीजे प्रथम आनंद प्रकाश ने आरोपी वीरेंद्र प्रसाद को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।