सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव व दो चिकित्सकों और मैटर्न महिला कर्मी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में पेश अर्जी पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने बुधवार को मामले में प्राचार्य पर लगे आरोपो के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जवाब-तलब करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई के लिए 31 जनवरी की तारीख तय की गई है।
अयोध्या जिले के पूरा कलंदर थाने के एक गांव व वर्तमान में सुल्तानपुर शहर में रह रही एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी है। आरोप के मुताबिक आउटसोर्सिंग के जरिये संविदा पर स्टाफ नर्स के पद पर स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनाती के दौरान प्राचार्य ने उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया।
आरोप के मुताबिक मैटर्न प्रेमलता सिंह के जरिये डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने वादिनी से मोबाइल पर बात करने के लिए दबाव बनाया था। उसने प्रशासनिक कार्य देखने वाले डॉ. आशीष शिवहरे और डॉ. सुरभि सिंह पर इस कार्य में प्राचार्य का सहयोग करने के लिए संलिप्तता का आरोप लगाया। बात नहीं मानने पर प्राचार्य पर अनर्गल दबाव बनाने व सादे कागजातों पर जबरियां लिखा-पढ़ी कराने सहित अन्य आरोप लगाए हैं। सीजेएम कोर्ट ने मामले में आख्या तलब किया था।
नगर कोतवाल की तरफ से भेजी गई आख्या में कोई मुकदमा पंजीकृत नहीं होने का जिक्र किया गया है। चिकित्सा विभाग के उच्चाधिकारी की ओर से कोई आख्या नहीं भेजे जाने का अदालत ने संज्ञान लेते हुए सीएमओ से जवाब-तलब करते हुए सुनवाई की तारीख तय की है।