शहर के गभड़िया स्थित अपने आवास पर मीडिया को संबोधित करते आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संज
सुल्तानपुर। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संभल मामले में पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के अदालती आदेश पर कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है चाहे वह पुलिस हो, आम आदमी या कोई प्रभावशाली व्यक्ति। उन्होंने संभल के पुलिस अधिकारियों (विशेषकर सीओ) के आचरण को कानून और न्याय के विरुद्ध बताया। कहा कि अब कोर्ट के आदेश के बाद इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बृहस्पतिवार को आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश की मतदाता सूची में बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। कनाडा देश की जितनी कुल आबादी है, उससे कहीं ज्यादा वोट यूपी में काट दिए गए हैं। करीब साढ़े चार करोड़ वोटों का अंतर आया है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्रामीण और शहरी मतदाताओं की जो सूची तैयार की है, उसमें 17 करोड़ मतदाता थे। केंद्र और प्रदेश सरकार के निर्देश पर जो सूची तैयार हुई, उसमें महज 12 करोड़ 55 लाख मतदाता ही रह गए। आखिर ये साढ़े चार करोड़ मतदाता कहां चले गए। एफआईआर दर्ज करना और निष्पक्ष चुनाव कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
संजय सिंह ने चुनाव आयोग पर भी कटाक्ष किया। कहा कि वह पूरी तरह से बीजेपी के दबाव में काम कर रहा है। कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सभी जिलों में प्रदर्शन किया गया। इसके बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह इस मामले में चुप्पी साधे हैं।