सुल्तानपुर। अमेठी जिले के औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर में दुकानों को गिराने का मामला कोर्ट पहुंच गया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन संदीप कुमार ने अतिक्रमण के नाम पर दुकानों को गिराने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने अमेठी के डीएम, मुसाफिरखाना के एसडीएम, यूपीएसआईडीसी के मैनेजर व क्षेत्रीय प्रबंधक समेत अन्य पक्षकारों को समन जारी करने का आदेश दिया है।
पीड़ित 40 दुकानदारों ने कोर्ट में न्याय के लिए गुहार लगाते हुए अमेठी के जिला प्रशासन व पुलिस पर दुकानों को गिराने का आरोप लगाते हुए उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश से पीड़ित दुकानदारों को बड़ी राहत मिल गई है।
अमेठी जिले के औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर में लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाईवे से मिलकर वनभरिया गांव को रास्ता जाता है। इस रास्ते के दोनों तरफ कई दुकानें बनी हुई हैं। दुकानदारों का कहना है कि यह दुकानें खाली जमीन पर उनके पूर्वजों के समय से जमींदारी टूटने के पहले से बनी थी।
वर्ष 1976 में औद्योगिक कार्य के लिए जमीन अधिग्रहीत की गई थी और इन लोगों की दुकान को छोड़कर इंडो-गल्फ ने दीवार बनवा ली थी। पश्चिम तरफ पक्की सड़क बना दी गई है और दुकानों को छोड़कर पावर हाउस ने अपनी दीवार बनवा ली है।
करीब 30-35 साल पहले पक्की दुकान बनाकर किराना, सब्जी, फल, चश्मा, बेकरी, सराफा की दुकानें की जा रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि उनकी बेदखली भी नहीं हुई है। आरोप है कि अतिक्रमण के नाम पर प्रशासन दुकानों को तोड़ना चाहता है।
कठौरा गांव के दुकानदार मो. मुहीब, ऋषिकेश सोनी, मो. असलम समेत 40 दुकानदारों ने अमेठी के डीएम, मुसाफिरखाना के एसडीएम, यूपीएसआईडीसी (उप्र राज्य औद्योगिक परिषद ) के मैनेजर व क्षेत्रीय प्रबंधक, कठौरा निवासी जहूर अहमद, मो. अब्बास व मो. इलियास को पक्षकार बनाते हुए कोर्ट में केस दायर किया है।
पीड़ित दुकानदारों ने जिला प्रशासन व पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए अतिक्रमण के नाम पर अवैध ढंग से दुकानों को गिराने का आरोप लगाया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन संदीप कुमार ने सुनवाई करने के बाद दुकानों को गिराने पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने अमेठी के डीएम, मुसाफिरखाना के एसडीएम, यूपीएसआईडीसी के मैनेजर व क्षेत्रीय प्रबंधक समेत अन्य पक्षकारों को समन जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश से पीड़ित दुकानदारों को बड़ी राहत मिल गई है। मामले में अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी।
कोर्ट में केस दायर करने वाले कठौरा गांव के मो. मुहीब समेत 40 दुकानदारों का कहना है कि पिछले पांच नवंबर को अदालत ने स्टे आदेश पारित किया था। इसकी जानकारी प्रशासन व पुलिस को दे दी गई थी। इसके बावजूद अमेठी के जिला प्रशासन व पुलिस ने मनमानी करते हुए जेसीबी लगाकर कई दुकानें हटवा दी हैं।