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सबसे पहले 15 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को लगेगी कोरोना की वैक्सीन

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सुल्तानपुर। कोरोना की दहशत, सतर्कता और वैक्सीन बनाने की जद्दोजहद के बीच सरकार ने इसके वैक्सीनेशन की तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले लोगों की जिंदगी बचाने में दिन-रात जुटे स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
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अपर मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में काम करने वाले चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन करने का आदेश दिया है। शासन के आदेश पर जिले में अभी तक सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में काम करने वाले 15 हजार कर्मियों में से आठ हजार लोगों का पंजीयन हो चुका है।
कोरोना वायरस से बचाव के हर व्यक्ति जंग लड़ रहा है। बचाव के लिए मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग व साबुन से हाथ धुलने की कवायद की जा रही है। इस बीच संक्रमित व्यक्ति का उपचार करने वाले चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं।
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कोरोना वायरस से लोगों की जिंदगी बचाने के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2021 के जनवरी और फरवरी माह में वैक्सीन उपलब्ध होगी। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सीएमओ को पत्र लिखकर कहा है कि पहले चरण में जिले में सरकारी और प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम में तैनात सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन किया जाए। सबसे पहले जिले में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
जिले में सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या करीब सात हजार है। वहीं, आंगनबाड़ी, सहायिका और आशा बहुओं की संख्या करीब छह हजार है। इसके साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में काम करने वाले करीब दो हजार लोग हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों में से 80 फीसदी लोगों का पंजीयन किया जा चुका है जबकि प्राइवेट अस्पताल अथवा नर्सिंग होम में काम करने वाले लोगों में से 50 फीसदी का पंजीयन हुआ है।
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषणनाथ त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में चार करोड़ वैक्सीन आएगी। सुल्तानपुर जिले को करीब सात लाख वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए जिला मुख्यालय पर एलआर मशीन की व्यवस्था की गई है जबकि 14 सीएचसी पर एक-एक आईएलआर मशीन का इंतजाम किया गया है।
प्रत्येक मशीन में 25 हजार वैक्सीन रखने की क्षमता होती है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों के पंजीयन का निर्देश दिया है। इसके तहत स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन किया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि जिले में करीब 43 सौ आगंनबाड़ी व सहायिकाएं हैं। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर सभी का पंजीयन करा दिया गया है।
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