सुल्तानपुर। बहुचर्चित घनश्याम तिवारी हत्याकांड में गवाह से जिरह करने के बजाय बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अस्वस्थ होने की बात कहते हुए मौका दिए जाने की मांग की। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम संतोष कुमार ने बचाव पक्ष पर 500 रुपये का हर्जाना लगाते हुए मौका अर्जी स्वीकृत की। अदालत ने गवाह की जिरह के लिए 27 मई की तारीख तय की है।
गौरतलब हो कि 23 सितंबर 2023 की घटना बताते हुए निशा तिवारी ने अपने पति चिकित्सक घनश्याम तिवारी की हत्या करने के आरोप में अजय नारायण सिंह, जगदीश नारायण सिंह, दीपक सिंह निवासीगण नरायनपुर समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में मात्र तीन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जिनके खिलाफ विचारण चल रहा है। इस मामले में मृतक की पत्नी निशा तिवारी व अन्य साक्षियों में शांति पांडेय, तत्सम तिवारी, दिनेश चंद्र यादव, एसआई गुड्डू राम की गवाही पूरी हो चुकी है। सोमवार को एसआई नियाजी हुसैन का बयान दर्ज हुआ, लेकिन बचाव पक्ष की ओर से मौका लेने की वजह से जिरह नहीं हो सकी।