सुल्तानपुर। शासन ने कोरोना वायरस नियंत्रण के लिए ग्राम पंचायतों को पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदने का निर्देश दिया। इसके बाद अधिकारी मनमानी पर उतर आए। अधिकारियों ने फर्म से सांठगांठ करके अधिकांश ग्राम पंचायतों में इंफ्रारेड थर्मामीटर व पल्स ऑक्सीमीटर की आपूर्ति करवा दी। आपूर्ति के बाद अब ग्राम पंचायतों को मनमाने ढंग से 9,950 का बिल थमा दिया गया है।
कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए शासन ने पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया था। शासन ने गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए भुगतान के संबंध में भी अलीगढ़ के सीडीओ के मोबाइल नंबर व भुगतान की दर भी सभी जिलों में भेज दी। अपर मुख्य सचिव, ग्राम विकास व पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने पल्स ऑक्सीमीटर व आईआर थर्मामीटर पैकेज क्रय करने के लिए अपने 24 जुलाई के पत्र में 2,800 रुपये का हवाला दिया था।
उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया था। उनके निर्देश के इतर फर्म से सांठगांठ करके ग्राम पंचायतों को दोनों सामानों की आपूर्ति करवा दी गई। आपूर्ति के बाद फर्म ने 9,950 का बिल ग्राम पंचायतों को भुगतान के लिए थमा दिया है। ज्यादा दर पर खरीदने से कई ग्राम पंचायतों में इसका विरोध भी हो रहा है। कुछ ग्राम पंचायतों ने दबाव में आकर भुगतान भी शुरू कर दिया है। मामला सामने आने पर अधिकारी शासन के आदेश व भुगतान संबंधी फर्म के बिल से अनभिज्ञता जता रहे हैं। साथ ही यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि खरीद ग्राम पंचायतों को करनी थी।
अपर मुख्य सचिव के पत्र की जानकारी नहीं
जिला पंचायतराज अधिकारी केके सिंह चौहान ने पहले कहा कि उन्हें अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज के पत्र की जानकारी नहीं है। कहा, उनका पत्र आने के पहले ही जिले की ग्राम पंचायतों में सामानों की खरीद हो गई। भुगतान के संबंध में कहा कि भुगतान ग्राम पंचायतों को करना है। इसमें किसी का कोई हस्तक्षेप नहीं है।