सुल्तानपुर। करीब 24 साल पुराने गैंगस्टर मामले में स्पेशल गैंगस्टर कोर्ट ने मंगलवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा से पहले आरोपी ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए मुकदमा समाप्त करने की अर्जी दी थी। अदालत ने उसे दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर) राकेश यादव की अदालत में मंगलवार को करौंदीकला थाना क्षेत्र के शुकुलपुर निवासी राजेश शुक्ल की ओर से जुर्म स्वीकार करने के आधार पर मुकदमा समाप्त करने का अनुरोध किया गया। विशेष लोक अभियोजक ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए आरोपी को अधिकतम सजा देने की मांग की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने राजेश शुक्ल को धमकी देने और गैंगस्टर अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
यह मामला पांच जनवरी 2002 का है। करौंदीकला थाना क्षेत्र के गोवापट्टी-बांगरकला निवासी तारकेश्वर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने शहाबुद्दीनपुर निवासी जयहिंद सिंह, अरविंद सिंह, शोभनाथ सिंह और शुकुलपुर निवासी राजेश शुक्ल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी और मामला स्पेशल कोर्ट में विचाराधीन था।
सुनवाई के दौरान आरोपी बब्लू उर्फ अरविंद सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि जयहिंद सिंह और शोभनाथ सिंह के मामलों की सुनवाई अलग चल रही है।