जिला मुख्यालय पर उपभोक्ता फोरम व रैन बसेरा के जल्द निर्माण की संभावनाओं पर पानी फिर गया है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर आए स्थगनादेश के बाद प्रशासन ने उपभोक्ता फोरम व रैन बसेरा के लिए शहर के जामों रोड पर आवंटित निशुल्क भूमि निरस्त करते हुए इस पर चल रही कवायद को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।
शासन ने बीते वर्ष जिले में उपभोक्ता फोरम न्यायालय के साथ शहरी बेघरों के लिए रैन बसेरा बनवाए जाने को स्वीकृति प्रदान की थी। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम गौरीगंज को उपभोक्ता फोरम के साथ रैन बसेरा के लिए निशुल्क भूमि आवंटित करने को कहा था। जिला प्रशासन के आदेश पर तहसील प्रशासन ने 16 सितंबर 2015 को शहर के जामों तिराहे के पास उपभोक्ता फोरम व रैन बसेरा के लिए निशुल्क भूमि आवंटित की थी।
भूमि आवंटन के बाद उपभोक्ता फोरम व रैन बसेरा से जुड़े विभागों के अधिकारियों को जल्द भवन निर्माण कराने को कहा गया था। उधर, भूमि के सरकारी इमारत के लिए आवंटित होने की जानकारी मिलने पर रणंजय हायर सेकेंड्री स्कूल गौरीगंज की ओर से आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। बीते दिनों याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भूमि पर स्थगनादेश जारी कर दिया।
हाईकोर्ट की ओर से स्थगनादेश जारी होने की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय ने भूमि आवंटन निरस्त कर दिया है।