सुल्तानपुर। निजी स्कूलों में महंगी किताबों का बोझ झेल रहे अभिभावकों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। मांग किया कि सभी स्कूलों में एक समान एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएं। इसके साथ ही स्कूलों में लगने वाले तरह-तरह के शुल्क से निजात दिलाई जाए।
अभिभावक राम शिरोमणि यादव ने कहा कि निजी स्कूल मनमानी कर रहे हैं। जब नई शिक्षा नीति देश में लागू है और एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने के लिए कहा गया है तो अलग-अलग प्रकाशन की किताबें पढ़ाना अनुचित है। निजी स्कूलों में हर साल किताबें बदली जाती हैं। 10-10 हजार की किताबें एक ही दुकान या स्कूल से खरीदने का दबाव बनाया जाता है।
अभिभावकों ने कहा कि इसे प्रशासन को रोकना चाहिए। इस मौके पर अमित कुमार, हिमांशू मालवीय, अनुज प्रताप सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. प्रदीप मिश्र, वीरेंद्र भार्गव समेत अन्य अभिभावक मौजूद रहे।
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सड़क पर उतरे कांग्रेसी, निजी स्कूलों की मनमानी रोकने की मांग
निजी स्कूलों में महंगी किताबों, फीस व यूनीफॉर्म के विरोध में जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा व शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की अगुवाई में कांग्रेसी शुक्रवार को सड़क पर उतरे। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विदुषी सिंह को सौंपा। इसमें मांग की है कि निजी स्कूलों की मनमानी रोकी जाए। अभिभावकों के ऊपर पड़ने वाले भार को कम किया जाए। निजी स्कूलों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर असलम अंसारी, सुनील सिंह चौहान, सिराज सिद्दीकी, इमरान अहमद. प्रदीप सिंह, नंदलाल भीम, सुब्रत सिंह सनी, धीरेंद्र प्रताप सिंह, हरिराम वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।