सुल्तानपुर। कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले बच्चों को परिषदीय स्कूलों में घर जैसा माहौल देने की तैयारी है। शिक्षा को रुचिकर बनाने के लिए उन्हें कहानियां सुनाई जाएंगी, और कविताएं सिखाई जाएंगी। शिक्षक गीत गाकर वर्णमाला और गिनती याद कराएंगे।
जिले में 2064 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1450 प्राथमिक, 343 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट 271 विद्यालय शामिल हैं। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग सबसे ज्यादा जोर कक्षा एक व छह में प्रवेश पर दे रहा है। शिक्षक बृजेश बताते हैं कि कक्षा एक में प्रवेश लेने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बच्चे छोटे होते हैं, और उन्हें घर से स्कूल तक लाना और ठहराकर पढ़ाना चुनौती होती है। विभाग ने स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम शुरू किया है। जिससे एक बार बच्चा स्कूल आ जाए तो उसे परिवार जैसा माहौल दिया जाए।
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सीखेंगे ककहरा, शिक्षा नहीं होगी बोझिल
समग्र शिक्षा बेसिक की जिला समन्वयक प्रशिक्षण अपेक्षा त्रिपाठी ने बताया कि कहानी, कविता और गीत के साथ-साथ खेल-खेल में पहली कक्षा के बच्चे अब ककहरा और गिनती सीखेंगे। उन्हें वृत (सर्किल) त्रिकोण, त्रिभुज, वर्णमाला, भाषा, विज्ञान, गणना आदि की शिक्षा मिलेगी।
बच्चों की कठिनाइयों को परखेंगे
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र में कक्षा दो से आठ तक विद्यार्थियों को विशेष तौर पर परखा जाएगा। लर्निंग गैप कम हो, इसके लिए 90 दिन की विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। देर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को नियमित विद्यार्थियों के बराबर लाने के लिए उनकी पढ़ाई में कमजोरी को खोजकर शिक्षक उस कमी को दूर करेंगे।