शासन ने चिकित्सकों की कमी को देखते हुए सीएमओ और सीएमएस को प्रतिदिन चार घंटे ओपीडी में बैठकर मरीजों को देखने का फरमान जारी किया है। इसके पीछे सरकार की मंशा यह भी है कि उच्चाधिकारियों की अस्पताल में मौजूदगी का असर मातहतों पर पड़ेगा। इससे व्यवस्था सुधरेगी। शनिवार को पहले ही दिन शासन के आदेश की हवा निकल गई।
जिला अस्पताल के ओपीडी से सीएमओ और सीएमएस दोनों ही नदारद रहे। मरीज अन्य दिनों की तरह हैरान-परेशान दिखे। जिला अस्पताल में मरीजों को देखने के लिए संबंधित चिकित्सकों की ओपीडी बनी है लेकिन इसमें सीएमओ और सीएमएस शामिल नहीं हैं। सीएमएस अपने कार्यालय में ही लोगों से मुलाकात व अन्य प्रशासनिक कार्य करते हैं।
यही हाल सीएमओ का भी है। जिला अस्पताल से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर सीएमओ का कार्यालय है। शासन ने डॉक्टर की कमी व जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था मुकम्मल करने के लिए नया फरमान जारी किया है। इसके तहत सीएमओ और सीएमएस को रोजाना चार घंटे में ओपीडी में बैठकर मरीजों को देखने का आदेश दिया गया है।
शनिवार को शासन के आदेश का पहला दिन था। शासन का फरमान पहले दिन ही औंधे मुंह गिरा। सीएमओ और सीएमएस दोनों ही अधिकारी जिला अस्पताल के ओपीडी से नदारद मिले। अन्य चिकित्सक अपने-अपने ओपीडी में मरीजों को देखते मिले। जिला अस्पताल की अव्यवस्था पहले की तरह ही रही। मरीज और उनके तीमारदार हैरान-परेशान दिखे।