सुल्तानपुर। युवाओं के लिए उद्यम स्थापना के नए दरवाजे खुल गए हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत कक्षा आठ पास युवकों को पांच लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण मिल सकेगा। इच्छुक पात्रों को पहले अपना अंशदान उद्यम में लगाना होगा।
उद्यम को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना संचालित की है। योजना के लिए शासन ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। युवकों को पांच लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण उद्योग विभाग की ओर से मिल सकेगा। इसके लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान, एक जनपद एक उत्पाद, कौशल विकास मिशन या किसी मान्यता प्राप्त डिग्री कॉलेज से कौशल विकास संबंधी डिग्री पाने वाले पात्र होंगे। 21 से 40 वर्ष के कक्षा आठ पास युवकों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा लेकिन इंटरमीडिएट उत्तीर्ण युवकों को वरीयता दी जाएगी।
उद्यमों की स्थापना में वर्ग के हिसाब से इच्छुकों को अपना अंशदान करना होगा। इसमें सामान्य वर्ग को पूरी लागत का 15 फीसदी, पिछड़ा वर्ग को साढ़े 12 और अनुसूचित जाति के लोगों को 10 फीसदी अंशदान करना होगा। उपायुक्त उद्योग नेहा सिंह ने बताया कि योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। अर्हता पूरी करने वालों को ब्याजमुक्त पांच लाख रुपये का ऋण दिया जाएगा।