सुल्तानपुर। नई दिल्ली में सीबीआई की ओर से दर्ज कराए गए गबन, धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण के मामले में गिरफ्तार किए गए बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर मैनेजर ऑडीटर को बुधवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया।
सीजेएम हरीश कुमार ने सीबीआई के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर एंटी करप्शन द्वितीय नई दिल्ली की अर्जी पर दो दिन के लिए ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर आरोपी को सीबीआई कोर्ट पटना में पेश करने का आदेश दिया है।
सीबीआई ने नई दिल्ली में वर्ष 2019 में (अपराध संख्या-5/2019) गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना व साजिश रचने के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में ज्ञानेंद्र कुमार सीनियर मैनेजर ऑडीटर बैंक ऑफ इंडिया मुसाफिरखाना जिला अमेठी , मूल निवासी नियर विक्रम शिला कॉलोनी न्यू शिवपुरी कॉलोनी, थाना तिलकामांझी, जिला भागलपुर, बिहार आरोपी हैं।
20 फरवरी 2020 को सीबीआई कोर्ट पटना के स्पेशल जज ने बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर मैनेजर ऑडीटर ज्ञानेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया था। फरार चले रहे सीनियर मैनेजर ऑडीटर ज्ञानेंद्र कुमार को मंगलवार को सीबीआई टीम ने बैंक ऑफ इंडिया की मुसाफिरखाना शाखा से गिरफ्तार कर लिया था।
बुधवार को आरोपी मैनेजर का मुसाफिरखाना सीएचसी से मेडिकल कराने के बाद सीबीआई ने उसे सीजेएम हरीश कुमार की कोर्ट में पेश किया। मामले की विवेचना कर रहे सीबीआई के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर एंटी करप्शन द्वितीय नई दिल्ली धर्मेंद्र सिंह ने कोर्ट में अर्जी देकर आरोपी का दो दिन के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगा।
सीजेएम ने विवेचक की अर्जी मंजूर कर आरोपी मैनेजर को सीबीआई कोर्ट पटना में पेश करने के लिए दो दिन का ट्रांजिट रिमांड स्वीकर किया है। हालांकि, सीबीआई ने बैंक से गबन की गई धनराशि के बारे में कोई ब्यौरा सीजेएम कोर्ट में दाखिल नहीं किया है।