सुल्तानपुर। हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 7.50 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में एससी-एसटी एक्ट की विशेष कोर्ट के एडीजे राकेश पांडेय ने दो जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने बिना विलंब के मुकदमा दर्ज कर विवेचना के परिणामों से अवगत कराने का आदेश चांदा एसओ को दिया है।
चांदा थाने के रामपुर (रजवाड़े) गांव के अनुसूचित जाति के कमलेश कुमार ने शिवगढ़ थाने के बेलडाड़ी गांव निवासी हरिकेश यादव उर्फ गौरव और इसी थाने के भिटौरा गांव के जसवंत सिंह उर्फ मोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। कमलेश ने उप्र सिविल कोर्ट स्टॉफ एकीकृत परीक्षा 2022-23 में ग्रुप डी के लिए आवेदन किया था। वह 17 दिसंबर 2022 को शहर से सटे रतनपुर टेढुई में स्थित एक स्कूल में परीक्षा देने गया था। वहां पर कमलेश की मुलाकात आरोपी हरिकेश यादव उर्फ गौरव से हुई थी। आरोप है कि हरिकेश यादव उर्फ गौरव ने खुद को इलाहाबाद हाईकोर्ट का समीक्षा अधिकारी बताते हुए कमलेश व कई अन्य अभ्यर्थियों से मोबाइल नंबर व रोल नंबर लेकर मनचाहे जिले में जाॅइनिंग दिलवाने की बात कही थी।
हरिकेश यादव उर्फ गौरव को दूसरा आरोपी जसवंत सिंह उर्फ मोनू अपना परिचित बता रहा था। करीब 20 दिन बाद आरोपी हरिकेश यादव उर्फ गौरव ने फोन कर कमलेश को बताया था कि उसका चयन हो गया है। आरोप है कि एक सप्ताह बाद कथित समीक्षा अधिकारी हरिकेश यादव उर्फ गौरव व आरोपी जसवंत सिंह उर्फ मोनू ने कमलेश के घर जाकर जॉइनिंग लेटर प्राप्त करने के लिए हाईकोर्ट में सात लाख, 50 हजार रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा कराने की बात कही थी।
कमलेश ने रुपये का इंतजाम कर हरिकेश यादव उर्फ गौरव व आरोपी जसवंत सिंह उर्फ मोनू को 7.50 लाख रुपये दे दिया था। बाद में आरोपियों ने कमलेश को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया था। कमलेश ने केस दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तब उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने दोनों जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश चांदा एसओ को दिया है।