दोस्तपुर। बेरामारुफपुर गांव में गोवंश को अभिलेखों में मृत दर्शाए जाने का मामला जांच में सामने आया है। बुधवार को खंड विकास अधिकारी विमलेश त्रिवेदी के निर्देश पर कराई गई जांच में संबंधित टैग नंबर वाला गोवंश जीवित मिला।
करीब दो सप्ताह पहले पशु चिकित्साधिकारी की जांच में भी गोवंश के जीवित होने की पुष्टि हुई थी। सुदामा देवी की शिकायत पर एडीओ सहकारिता प्रदीप कुमार तिवारी और एडीओ आरडी नागेश्वर नाथ शुक्ला ने संयुक्त रूप से जांच की। रिपोर्ट के अनुसार 22 जून को तत्कालीन पंचायत सचिव देवव्रत पाल ने गोवंश को मृत दर्ज कर दिया था। सत्यापन में लापरवाही मिलने पर बीडीओ ने सचिव को चेतावनी दी।शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने दो गोवंश लिए थे। इनमें एक की करीब 15 माह पहले मौत हो गई थी, जबकि दूसरा अभी उनके पास मौजूद है। इसके बावजूद अभिलेखों में उसे मृत दर्शा दिया गया। संवाद