सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में धांधली उजागर होने के बाद शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग के प्रभारी एडीओ, विकास विभाग के लिपिक व एक महिला के खिलाफ बल्दीराय थाने में केस दर्ज करा दिया गया है। जिला स्तरीय टीम की जांच में तीनों दोषी पाए गए हैं।
11 जुलाई को बल्दीराय विकास खंड के महुली व भखरी गांव की कई अपात्रों की शादी सामूहिक विवाह योजना के तहत करा दी गई थी। योजना में फर्जीवाड़े का मामला अमर उजाला ने सामूहिक विवाह में सामने आईं गड़बड़ियां शीर्षक से उजागर किया था। इसके बाद लगातार इस योजना में की गई धांधली से जुड़े तथ्य सामने लाए गए। सामूहिक विवाह योजना में दोनों गांवों की कई अपात्र महिलाओं की शादी कराए जाने का मामला प्रदेशभर में सुर्खियों में आने पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने इसका संज्ञान लिया था।
इसके बाद डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना के आदेश पर महुली के पंचायत सचिव राहुल यादव व समाज कल्याण विभाग के प्रभारी एडीओ अभिषेक गिरी को निलंबित कर दिया गया था। डीएम के निर्देश पर तीन अधिकारियों की जांच टीम गठित कर दी गई थी। जांच टीम में शामिल जिला प्रशिक्षण अधिकारी संतोष गुप्ता, डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल व जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी मुदित श्रीवास्तव ने शुक्रवार को सीडीओ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी, जिसमें समाज कल्याण विभाग बल्दीराय के प्रभारी एडीओ अभिषेक गिरी, बल्दीराय ब्लॉक के विकास विभाग का लिपिक संदीप मिश्र व महुली गांव की कंचन नाम की महिला को दोषी पाया बताया गया। अधिकारियों के मुताबिक अपात्रों की शादी कराने में इन्हीं तीनों ने प्रमुख भूमिका निभाई है।
डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना के निर्देश पर सीडीओ अंकुर कौशिक ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। समाज कल्याण विभाग के लेखाकार अजय चौरसिया ने बल्दीराय थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार की शाम प्राथमिकी दर्ज करा दी है। केस दर्ज होने से धांधली से जुड़े लोग सकते में आ गए हैं। थानाध्यक्ष बल्दीराय आरबी सुमन ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
गड़बड़ी करने वालों पर की गई कार्रवाई
मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक ने कहा कि गड़बड़ी करने वालाें पर कार्रवाई की गई है। अब पुलिस मामले की जांच करेगी।