करौंदीकला। अमरेमऊ में गत दो अक्तूबर को आयोजित कार्यक्रम में साधु-संतों पर विवादित टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ रविवार रात भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मोस्ट कल्याण संस्थान के निदेशक श्यामलाल पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की तहरीर पर की है।
करौंदीकला थाने में रविवार को मनोज कुमार तिवारी, आलोक सिंह, कमलेश, लालजी पांडेय, संजय सिंह, राजेन्द्र प्रसाद पांडेय, मनोज कुमार सिंह, दीपक, चंद्रभान, राकेश, अशोक, दयाराम, सुनील, विवेकानंद (डब्बू), दयाशंकर यादव, अंजनी, संजय, नरेंद्र मिश्र, गौरव मिश्र, अजीत, शिवजी, योगेंद्र, प्रेमचंद, गुप्त नरायण, सत्य प्रकाश निषाद, उमाकांत ने तहरीर दिया। आरोप है कि बौद्ध विहार अमरेमऊ दो अक्तूबर को हुई गोष्ठी में श्यामलाल निषाद निवासी राईबीगो, कादीपुर ने हिंदू साधु-संतों के बारे में अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया था।
आरोपी ने अपनी टिप्पणी में ऐसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है जिसे सुनकर बड़ी संख्या में लोग आहत हुए हैं। घटना के समय मंच पर मौजूद क्षेत्रीय विधायक कादीपुर राजेश गौतम ने श्यामलाल का विरोध किया था। दोनों के बीच बहस भी हुई थी। करौंदीकला थानाध्यक्ष चंद्रभान वर्मा ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है।
मोस्ट कल्याण संस्थान ने निदेशक की सुरक्षा के लिए दिया ज्ञापन
सुल्तानपुर। मोस्ट कल्याण संस्थान के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सोमवार को तिकोनिया पार्क में एकत्र हुए। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विधायक राजेश गौतम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए संस्था के निदेशक शिक्षक श्यामलाल निषाद का अपमान किया है। पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंच सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर निदेशक की सुरक्षा दिलाने और विधायक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।