सुल्तानपुर। आजाद वर्मा हत्याकांड में मृतक के मृत्युपूर्व बयान को नजरअंदाज करने व लचर तफ्तीश का आरोप लगाते हुए वादी बादल वर्मा की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत में मॉनिटरिंग अर्जी दी गई है। अदालत ने प्रकरण की जांच से जुड़ी केस डायरी विवेचक से तलब की है।
गोसाईगंज के जासापारा-कारीबहार निवासी वादी बादल वर्मा ने गत 28 जून की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। वादी के आरोप के मुताबिक उनके गांव निवासी आरोपी अशोक पांडेय, राज नारायण पांडेय, अनुराग पांडेय, रूपम पांडेय व स्थानीय थाने के नरायनपुर निवासी सत्यम पांडेय व कोतवाली देहात थाने के बभनगवां निवासी सूरज पांडेय ने रंजिश में उनके भाई आजाद वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस नामजद आरोपी अशोक पांडेय, अनुराग पांडेय, रूपम पांडेय, सत्यम पांडेय, सूरज पांडेय व गांव निवासी अभिषेक वर्मा नाम के दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस मामले की जांच गोसाईगंज थाने से हटाकर एसओ अखंडनगर धीरेंद्र वर्मा को सौंपी गई है। वादी पक्ष के आरोप के मुताबिक आरोपियों के दबाव में विवेचना को प्रभावित किया जा रहा है।