विधानसभा चुनाव का शंखनाद होने के साथ ही लोगों के बीच अपना नुमाइंदा चुनने को लेकर चर्चा-परिचर्चा का दौर तेज हो गया है। हर गली-मोहल्ले, चौराहे पर चुनाव की चर्चा हो रही है। लोग क्षेत्र का विकास नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष भी जता रहे हैं।
लोग इस बात पर एक मत दिखते हैं कि अच्छे जनप्रतिनिधि के चुनाव के लिए अधिक से अधिक मतदान जरूरी है। सभी विकास को तवज्जो देने वाले जनप्रतिनिधि को चुनने के पक्षधर दिखाई पड़ते हैं। रविवार को शहर के सीताकुंड स्थित पर्यावरण पार्क में युवाओं के बीच ‘अमर उजाला’ टीम पहुंची। लोगों ने मतदान, जनप्रतिनिधि और मुद्दों पर बेबाकी से सियासी अड्डे में अपनी राय रखी।
अतिक्रमण से निजात दिलाने वाला हो प्रतिनिधि
शहर में अतिक्रमण की समस्या लाइलाज बन चुकी है। लोग आए दिन जाम में फंसते हैं। अतिक्रमण को हटाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। हमें ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जो अतिक्रमण की समस्या से लोगों को निजात दिला सके।
-डॉ. राजीव त्रिपाठी, चिकित्सक
गरीबों के सुख-दुख में हो शरीक
जनप्रतिनिधि में जात-पांत का भेदभाव नहीं होना चाहिए। समाज के अंतिम पायदान तक गरीबों की समस्या सुनने वाला प्रतिनिधि हो, जो हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रह सके।
-निजाम खान, शिक्षक
हर कोई कर सके सीधा संवाद
महानगरों की तर्ज पर जिले का विकास हो। बड़ी परियोजनाओं से जिले को विकास की ओर अग्रसर करने वाले प्रतिनिधि का चुनाव जनता करे। ऐसा प्रतिनिधि जिससे आम जनता सीधे संवाद स्थापित कर सके।
-अभिषेक सिंह, छात्र