सुल्तानपुर। आम बजट को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है। आर्थिक मामलों के जानकार बजट को संतोषजनक बता रहे हैं, वहीं मध्यम वर्ग निराश है। व्यापारी जीएसटी को लेकर थोड़ा राहत महसूस कर रहे हैं तो वहीं राजनीतिक दलों की अपनी अलग राय है। भाजपा बजट का गुणगान कर रही है और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां इसे झुनझुना बताकर आलोचना कर रही हैं।
आर्थिक मामलों के जानकार व प्राचार्य केन्द्रीय विद्यालय संगठन धारपुर लम्भुआ राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 ने संसाधनों का पुनः आवंटन इस प्रकार किया है कि निश्चित ही माध्यम वर्गीय उपभोक्ता और आयकरदाताओं के कुछ पैसे बचेंगे। इस बजट ने कृषि में उत्पादकता और लचीलापन, रोजगार और कौशल, समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय, विनिर्माण और सेवा, शहरी विकास, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, नवाचार, अनुसंधान और अगली पीढ़ी के सुधार को प्राथमिकता दी है।
बजट सबके लिए हितकारी
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि बजट किसान, मजदूर, महिलाओं ,युवाओं, व्यापारियों तथा उद्यमियों सबके लिए हितकारी है। मुद्रा लोन की सीमा बढ़ाकर 10 लाख से 20 लाख कर दी गई है जिससे अब मध्यम श्रेणी के युवा व्यापारी अपने व्यापार को बढ़ा सकेंगे। इनकम टैक्स में तीन लाख की आमदनी तक कोई कर नहीं लगाया गया है और उससे ऊपर की आय पर भी छूट दी गई है। सोना चांदी जैसी धातुओं पर जीएसटी घटाई गई है, जिससे हमारी बहनों और माताओं को लाभ होगा।
रोजगार सृजन को मिलेगा लाभ
केएनआईपीएसएस के अर्थशास्त्र सहायक प्रोफेसर डाॅ.अवधेश कुमार दूबे ने कहा कि आम बजट शेयर बाजार को रास नहीं आया है। इस बजट से कृषि व उससे जुड़े सेक्टर के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो किसानों और उनकी जमीनों पर डिजिटल पब्लिक इंफ्रा का फायदा मिलेगा। फार्मर एंड लैंड रजिस्ट्री के दायरे में आएंगे छह करोड़ से किसान को लाभ होगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार सृजन को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर बजट संतुलित ही रहा।
नौकरीपेशा वर्ग को मिली राहत
संजय गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ.वीपी सिंह ने कहा कि सरकार ने अपना पूरा फोकस नौकरी पर दिया है। एक करोड़ इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को मौका दिया गया। नौकरीपेशा वर्ग को काफी राहत मिली है। मजदूरों को कच्चा घर देने का वायदा है। कुल मिलाकर बजट संतोषजनक है।
महिलाओं के लिए फायदेमंद
डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करने वाली रीतू सिंह ने बजट को महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद बताया। कहा कि महिलाओं की रसोई पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है, जो निराशाजनक है। सरकार को महिलाओं के बारे में भी प्रयास करना चाहिए, जिससे महिलाएं रोजगार के लिए आगे आ सकें।
उच्च शिक्षा ऋण की योजना अच्छी
राणा प्रताप पीजी काॅलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि मोदी सरकार की तीसरी पारी का पहला बजट आम आदमी को राहत देने वाला नहीं है। इस बजट से न तो महंगाई घटेगी न गरीबी। हालांकि उच्च शिक्षा ऋण की योजना अच्छी है। इंटर्नशिप राशि देने की योजना भी बेहतरीन है। बजट ने रिटेल इंवेस्टर्स को निराश किया है। नौकरीपेशा को भी कुछ खास हासिल नहीं हुआ है।