सुल्तानपुर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में इन दिनों मरीजों की तादाद में बढ़ोतरी हुई है। रोजाना करीब 1800 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। दवा के लिए लंबी-लंबी लाइनों से लोग परेशान हैं। उनके लिए धूप से बचने और बैठने के इंतजाम नहीं हैं। लाइन में लगे मरीज व तीमारदार गश खाकर नीचे गिर रहे हैं। फिर भी अस्पताल प्रशासन व्यवस्था सुधारने की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
दवा वितरण के लिए अस्पताल में पहले से ही दो काउंटर हैं। इसी तरह रजिस्ट्रेशन के लिए भी दो काउंटर बने हैं। सुबह जब मरीजों की भीड़ अस्पताल पहुंचती है तो सबसे पहले उन्हें रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्चा बनवाने के लिए जूझना पड़ता है। ओपीडी में भी यही स्थिति है। सबसे ज्यादा समस्या दवा वितरण काउंटर पर देखने को मिलती है। यहां महज दो काउंटर बने हैं, जिसमें एक पुरुष और महिला काउंटर है। दवा वितरण में फार्मासिस्ट रमेश पाण्डेय, अशोक की स्थायी ड्यूटी है। इसके अलावा दो-दो नर्सिंग स्टाफ सहायता के लिए हैं।
पिछले एक सप्ताह के मरीजों के आंकड़ों की बात करें तो पर्ची काउंटर पर रोजाना 1200 से अधिक रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। पर्ची काउंटर की जिम्मेदारी देख रहे आमिर ने बताया कि 22 जुलाई को रजिस्ट्रेशन 1212 और 23 जुलाई को इसकी संख्या पहुंचकर 1524 हो गई। इसके अलावा पुराने पर्चे पर इलाज कराने वालों की तादाद भी रोजाना करीब 500 से 600 के बीच होती है। इस तरह दवा वितरण काउंटर पर जमकर भीड़ उमड़ रही है। हद यह है कि दवा वितरण काउंटर पर धूप से बचने के इंतजाम नाकाफी हैं। बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है।
व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास
प्राचार्य डाॅ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। मौसम बदलने के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। काउंटर बढ़ाकर इस समस्या का निवारण किया जाएगा।