सुल्तानपुर। खेतों में धान समेत अन्य की पराली जलाने पर किसानों पर ढाई से लेकर 15 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। धान की फसल तैयार होते देख जिला प्रशासन ने किसानों को पराली जलाने पर अंकुश लगाने के लिए सचेत किया। प्रशासन ने खेत के हिसाब से निर्धारित अर्थदंड की भी जानकारी दी है।
पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए शासन ने कोर्ट के आदेश पर खेतों में पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पराली जलाने वाले किसानों पर अर्थदंड लगाकर उसकी वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के आदेश को देखते हुए जिला प्रशासन ने धान की फसल तैयार होते देख किसानों को पहले ही सचेत कर दिया है।
जिलाधिकारी रवीश गुप्ता की ओर से जारी निर्देश में इसकी जानकारी दी गई है। निर्देश के मुताबिक खेतों के हिसाब से अर्थदंड का निर्धारण किया गया है। इसमें दो एकड़ से कम खेत में पराली जलाने पर ढाई हजार रुपया, दो से पांच एकड़ तक खेत में पराली जलाने पर पांच हजार रुपया व पांच एकड़ से अधिक खेत में पराली जलाने वाले किसानों पर 15 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि फसल का अवशेष जलाने पर रासायनिक क्रियाओं की वजह से पर्यावरण को बहुत तेज नुकसान होता है। साथ ही फसल के तने व पत्तियों में मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। खेत में मौजूद मित्र कीट आग में जलकर मर जाते हैं। डीएम ने किसानों से कहा कि वे फसल अवशेष न जलाकर पर्यावरण को बचाने के साथ जुर्माने से बचें। खेतों में पराली जलाने से रोकने के लिए अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।