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नदी-नालों के तट तक अतिक्रमण कर बना लीं इमारतें

Tue, 04 Apr 2017 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
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गोमती तट पर बना भवन - फोटो : अमर उजाला
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प्रशासन की उपेक्षा से शहर में नदी नालों तक पर इमारतें खड़ी कर ली गईं। कागजों में दर्ज कई तालाबों का वजूद ही खत्म होने की कगार पर है। अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से लोगों ने बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही नजूल भूमि पर बहुमंजिला इमारतें बना लीं।
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भूमाफिया के आगे प्रशासन   नतमस्तक रहा। बाद में हो हल्ला मचने पर कार्रवाई के नाम पर करीब पांच सौ लोगों के खिलाफ सक्षम अधिकारी की ओर से शहर में नोटिस जारी की गई है। अब सरकार की ओर से जमीनों पर अवैध कब्जा रोकने के लिए एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स गठन के निर्देश पर लोगों में कुछ दहशत है।

शहर से निकली गोमती नदी के तट तक अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से लोगों ने कब्जा कर लिया है। करौंदिया से लेकर गोलाघाट के आगे तक गोमती  नदी के तट पर दर्जनों लोगों के कई मंजिला मकान बन गए हैं।
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कुछ लोगों ने  स्वयं कब्जा करके मकान बनवा लिए तो कुछ भूमाफिया ने प्लाटिंग करके जमीन  को बेच दिया। अवैध कब्जे वाले मकानों में लोग आबाद हैं। शहर में स्थित नाले के किनारे तक कई लोगों ने अवैध कब्जा करके मकान खड़े कर लिए।

इसमें कुछ तो ऐसे भी जिन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से अपने मकान का बाद में फ्रीहोल्ड भी करा लिया। इसमें बढ़ैयावीर,  हथियानाला समेत कई नाले हैं। कुछ लोग बिना फ्रीहोल्ड के ही मकान में आबाद हैं। फ्रीहोल्ड के समय अधिकारियों-कर्मचारियों ने नाले के अस्तित्व को भी ध्यान में नहीं रखा।

राहुल चौराहे के पीछे कटहलवाली बाग के पास कागजों में दर्ज तालाब पर काफी हद तक कब्जा हो गया है। यही हाल शास्त्रीनगर स्थित तालाब का भी है। दोनों जगहों पर तालाबों पर अवैध कब्जे से उसका अस्तित्व मिटने की कगार है। तालाबों पर अवैध कब्जा करके लोगों ने मकान बनवा लिए हैं। 

शहर में नजूल भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन पहले तो चुप रहा  लेकिन बाद में निर्माणाधीन मकान का अधिकांश हिस्सा बनने के बाद नोटिस  जारी हुई। विभागीय सूत्रों की मानें तो शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ  करीब पांच सौ नोटिस जारी हो चुकी है।

इसमें कई के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश भी पारित हो चुका है लेकिन कार्रवाई सिफर है। कार्रवाई नहीं होने से अवैध  कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं। 

अपर जिलाधिकारी प्रशासन शेषनाथ ने कहा कि शासन के निर्देश का पालन कराया जाएगा। अवैध कब्जों की जांच कराकर अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसमें अवैध कब्जे का ध्वस्तीकरण भी शामिल है।
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