शहर में वाटर सप्लाई लाइन लीक होने की वजह से रोजाना करीब 30 हजार लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। लीकेज की वजह से घरों में दूषित पानी भी पहुंच रहा है। पुरानी पाइप लाइनों के सहारे घर-घर पानी की आपूर्ति नगर पालिका के लिए चुनौती बनी है।
नगर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए 24 नलकूपों का संचालन हो रहा है। दो ओवरहेड टैंक से शहर के विभिन्न स्थानों तक पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। शेष स्थानों पर नलकूपों से पीने का पानी दिया जा रहा है। नलकूपों से लिंक पुरानी पाइपों से घरों में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
शहर में नई पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन उसे नलकूपों से लिंक नहीं किया गया है। पुरानी पाइपों के जरिए ही वाटर सप्लाई हो रही है। पिछले दिनों डीएम आवास के बगल पाइप लाइन टूट गई थी। अब रेलवे लाइन के बगल में निर्माणाधीन फ्लाई ओवर के पास भी वाटर सप्लाई लाइन एक सप्ताह से टूटी है।
पानी वहां लगातार बह रहा है। दीवानी चौराहे पर दो दिन पहले किसी भारी वाहन के दबाव से पाइप लाइन फट गई। इस वजह से सीताकुंड चौकी की ओर पानी बहने लगा। शिकायत के बाद नगर पालिका की ओर से फिटर को भेजकर खुदाई शुरू करवाई गई। फिटर लीकेज को ढूंढ़ने में मंगलवार को दिन भर परेशान रहे।
इस संबंध में पालिका के ईओ मुशीर अमहद ने बताया कि नई पाइप बिछाई गई है। अभी तक नलकूपों से उसका लिंकअप नहीं हो सका है। लिंकअप होते ही पुरानी पाइप लाइनों से आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। जल निगम के अधिकारियों से नई पाइप लाइन के संचालन को लेकर वार्ता चल रही है।