सुल्तानपुर। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के नोटिफिकेशन का विरोध करते हुए ईंट उद्यमी कल्याण समिति ने अगले सीजन में अपना भट्ठा उद्योग बंद करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान ईंट उद्यमियों ने सरकार के कानून को अव्यवहारिक बताया।
कहा कि इससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। ईंट उद्यमी समिति के अध्यक्ष जितेंद्र विजय सिंह व कार्यकारी अध्यक्ष शारदा प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा पर्यावरणीय स्वच्छता के संबंध में जारी नोटिफिकेशन पूर्णतया उद्यमियों के लिए अव्यवहारिक है।
कहा कि जारी मानकों पर पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र ईंट उद्यमियों के लिए मुश्किल हो गया है। ऐसे में ईंट उद्योग बंद करने में ही भलाई है। बताया कि प्रदेश समिति से वार्ता के बाद ईंट उद्यमियों ने सुल्तानपुर एवं अमेठी जनपद के ईंट उद्योगों को आगामी सीजन में बंद करने का निर्णय लिया है। समिति ने कहा कि जब तक पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र लेेने की बाध्यता खत्म नहीं होती ईंट उद्यमी आगामी सीजन के लिए लेबरों को एडवांस भुगतान नहीं करेंगे।
कोई भी ईंट भट्ठा मालिक आगामी सीजन के लिए कोयला नहीं खरीदेगा और न ही कोयला डंप करेगा। समिति ने कहा कि मजबूरी में उद्यमियों को यह निर्णय लेना पड़ रहा है। इस मौके पर सत्येंद्र सिंह गौतम, मनोहर कुमार व रणविजय सिंह मौजूद रहे।