पंचायत चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने की प्रशासनिक कोशिश प्रथम चरण के मतदान में ही धराशाई हो गई। पहले चरण में शामिल मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा हुई जिसे रोकने और अराजकतत्वों पर काबू पाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। हालात यह रहे कि जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी दिन भर इधर से उधर भागते रहे। तहसील क्षेत्र के तीनों ब्लॉकों में 59.3 प्रतिशत मतदान की खबर है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर पंचायत चुनाव के पहले चरण में शामिल मुसाफिरखाना तहसील के ब्लॉक मुसाफिरखाना, जगदीशपुर व बाजार शुकुल में शुक्रवार को वोट डाले गए। चुनाव के दौरान कहीं भी हिंसा या गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए प्रशासनिक अमला बीते माह भर से तैयारी में जुटा था। बावजूद इसके उसकी सारी तैयारियां पहले ही चरण में धराशाई हो गईं। बाजार शुकुल ब्लॉक के गांव महोना पूरब के बूथ संख्या 71 ब्रह्मचारी कुटी पर वोट डालने को लेकर दो प्रत्याशी समर्थक बब्बन व रशीद आपस में भिड़ गए।
बूथ पर हुई भिड़ंत के बाद दोनों पक्षों में जमकर ईंट पत्थर चले जिसे समाप्त कराने के लिए पुलिस को कई राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इसकी वजह से यहां करीब आधा घंटा मतदान बाधित रहा। शुकुल बाजार के ही जूनियर हाईस्कूल हरखूमऊ में प्रधान प्रतिनिधि हरखूमऊ इकराम ने बीडीसी वार्ड संख्या-75 के प्रत्याशी वीर सिंह के पक्ष में बूथ कैप्चरिंग की। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और कैप्चरिंग करने वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। फोर्स ने इकाराम के घर दबिश भी दी लेकिन वह नहीं मिला। हालांकि पुलिस ने प्रत्याशी वीर सिंह को हिरासत में ले लिया है।
कैप्चरिंग और पुलिस पिटाई की वजह से इस बूथ पर दोपहर बाद एक बजे से तीन बजे तक मतदान बाधित रहा। जगदीशपुर ब्लॉक के दौलतपुर बूथ पर भी दो पक्ष भिड़ गए जिन्हें सुरक्षा कर्मियों ने शांत कराया। इसी ब्लॉक के मतदान केंद्र सिंदुरवा में भी वोटिंग को लेकर दो प्रत्याशी समर्थकों में भिड़ंत हो गई। हालांकि यहां पहले से सतर्क प्रशासनिक अमले ने हालात पर जल्द ही काबू कर लिया। डीएम जगतराज त्रिपाठी व एसपी हीरालाल के अलावा सीडीओ, एडीएम व अन्य प्रशासनिक अफसर दिन भर इधर से उधर भागते रहे।