पहले चरण के पंचायत मतदान के लिए शुक्रवार को चार ब्लॉकों के पांच लाख मतदाता अपना फैसला देंगे। जनता का फैसला मतपेटियों में शाम को बंद हो जाएगा। वोटरों का निर्णय अपने पक्ष में करने के लिए अंतिम समय में भी डीडीसी व बीडीसी के प्रत्याशी प्रचार करते रहे। गुरुवार को भारी अव्यवस्थाओं के बीच शाम तक पोलिंग पार्टियों व सुरक्षा कर्मियों को बूथों के लिए रवाना कर दिया गया। चार ब्लॉकों में पहले चरण के वोट शुक्रवार की सुबह से डाले जाएंगे।
डीडीसी के 303 व बीडीसी के 2045 प्रत्याशी मैदान में
पांच वर्ष के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जनता के फैसले की घड़ी आ गई। शुक्रवार को पहले चरण में चार ब्लॉकों में जनता डीडीसी व बीडीसी प्रत्याशियों के तकदीर का फैसला करेगी। पहले चरण में जिला पंचायत के 303 व क्षेत्र पंचायत सदस्यों 2047 प्रत्याशी पंचायत के जन अदालत में उतरे हैं। ये महीनों से जनता का फैसला अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगे हैं। पहले चरण में धनपतगंज में 300, कूरेभार में 741, जयसिंहपुर में 683 व मोतिगरपुर में 313 क्षेत्र पंचायत के प्रत्याशी मैदान में हैं।
कूरेभार में ड्यूटी के लिए भटकते रहे मतदान कर्मी
सुल्तानपुर। चार ब्लॉकों में पहले चरण का मतदान कराने के लिए शुक्रवार को धनपतगंज, कूरेभार, जयसिंहपुर व मोतिगरपुर से अव्यवस्थाओं के बीच पोलिंग पार्टियों को बूथों के लिए रवाना कर दिया गया। कूरेभार से 261, धनपतगंज से 184, जयसिंहपुर से 252 व मोतिगरपुर से 130 पोलिंग पार्टियों को बूथों के लिए रवाना किया गया। पोलिंग पाजर्टियों को रवाना करने के पूर्व उन्हें बूथों की ड्यूटी दी गई। ड्यूटी के वितरण के बाद मतदान कर्मियों को बैलेट पेपर, बूथों की वोटर लिस्ट, बैलेट बॉक्स व अन्य सामग्री दी गई।
वोटर लिस्ट व बैलेट पेपर मिलने के बाद मतदान कर्मियों ने ब्लॉक मुख्यालयों पर बैठकर उसका मिलान किया। कुछ मतदान कर्मियों को बैलेट पेपर वोटरों के हिसाब से कम मिलने की शिकायतें रहीं। ब्लॉक मुख्यालय पर पोलिंग पार्टियों के बैठने के पर्याप्त इंतजाम नहीं रहे। पानी के लिए भी मतदान कर्मियों को भटकना पड़ा। अव्यवस्था की वजह से पोलिंग पार्टियों को बूथों की ड्यूटी स्लिप दोपहर बाद मिल पाई। ड्यूटी की जानकारी के लिए मतदान कर्मी इधर से उधर भटकते रहे। ड्यूटी वितरण के लिए सिर्फ काउंटर होने से मतदान कर्मियों को भारी परेशानी हुई। इस दौरान मतदान कर्मियों की नोक-झोंक भी हुई।