सुल्तानपुर। कादीपुर में सड़क हादसे में घायल हुए तीन युवकों के उपचार की सिफारिश को लेकर मंगलवार को भाजपा नेता और जिला अस्पताल के सीएमएस के बीच सलीके से शुरू हुई बातचीत गाली-गलौज के बाद समाप्त हुई। पूरे मामले का ऑडियो वायरल होने के बाद दोनों की किरकिरी हो रही है। वहीं मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने सीएमएस से जवाब मांगा है।
कादीपुर कोतवाली क्षेत्र में मुजहना गांव के पास मंगलवार को टायर फटने से एक कार पेड़ से टकरा गई थी। हादसे में अरविंद तिवारी व प्रणव उर्फ शुभम की मौत हो गई थी, जबकि आदर्श गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया था। इस बीच कादीपुर के रहने वाले भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहित सिंह ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह को फोन किया। मोहित ने सीएमएस से कहा कि वे फैजाबाद में है और उनके क्षेत्र के तीन युवक गंभीर रूप से घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचे हैं। जाकर उन्हें देख लें।
सीएमएस ने कहा कि मंत्री जी का फोन आया था और वे इमरजेंसी में एक चिकित्सक को पहले से ही ड्यूटी पर रखे हैं। वहां किसी तरह की दिक्कत नहीं है। देखते ही देखते बात बिगड़ती गई और गाली-गलौज शुरू हो गई। पूरे मामले का ऑडियो वायरल होने के बाद दोनों की किरकिरी हो रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर लगातार वो और पूरा स्टाफ ड्यूटी कर रहा है।
मंगलवार को कादीपुर में दो और कुड़वार क्षेत्र में एक मौत हो गई थी। वे तीनों के पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था कर रहे थे। तभी मोहित सिंह का फोन आ गया और वे उन्हें जाकर इमरजेंसी में देखने की बात कर रहे थे। एक चिकित्सक पहले से ही इमरजेंसी में मौजूद थे। बात करने का लहजा ठीक नहीं था। भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहित सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र के तीन युवक घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचे थे।
इमरजेंसी में घायलों का उपचार नही किया जा रहा था। इसलिए उन्होंने सीएमएस को फोन किया था। वे चाहते थे कि घायलों को एंबुलेंस मिल जाए और उन्हें सही समय पर लखनऊ भेजा जा सके। सीएमएस का बर्ताव गुंडों जैसा था। सीएमएस ने पहले गाली दी। इसके बाद उन्होंने भी आपा खो दिया।