सुल्तानपुर। पिछले चार दिनों से पड़ रही भीषण ठंड अब जानलेवा हो गई है। ठंड अधिक से पक्षियों की मौत होने लगी है। लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को अलाव भी ठंड से राहत नहीं दिला पा रहा है।
रविवार को अधिकतम पारा 11.0 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 10.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम पारा 3.0 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दन भर धूप नहीं निकलने से जनजीवन बेहाल रहा। सुबह-शाम गलन भरी ठंड व बर्फीली हवाओं से लोग कांप गए।
रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दिन भर धूप नहीं निकली। मौसम साफ नहीं होने से शीतलहरी का प्रकोप जारी रहा। दिन भर धूप नहीं निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा।
कुछ स्थानों पर कोहरे के दौरान सफर करने वाले लोगों को आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर दो पहिया व चार पहिया वाहन चालकों को सुबह व शाम कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
सुबह-शाम भीषण ठंड से जनजीवन बेहाल हो रहा। लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों व अलाव का सहारा लेना पड़ा। न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान बढ़ने के बाद अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट आने से कड़ाके की ठंड से लोग जूझते रहे।
जिला प्रशासन की ओर से ठंड से बचाव को लेकर शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इसके चलते लोगों को ठंड से बचाव के निजी स्तर पर अलाव की व्यवस्था करनी पड़ी।