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पहली ही बारिश में दरक गई निर्माणाधीन पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के अंडरपास की बीम

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बल्दीराय (सुल्तानपुर)। लखनऊ से गाजीपुर तक करीब 22 हजार करोड़ रुपये से बनाए जा रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गुणवत्ता की पोल पहली ही बारिश में खुल गई है।
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बारिश में कुवांसी-हलियापुर के बीच एक्सप्रेस वे के अंडर पास की बीम दरक गई। अंडरपास की रेलिंग व फुटपाथ की मिट्टी बह गई। सड़क में दरार आ गई है। बेमौसम बारिश में ही सड़क टूटने व बीम दरक जाने से एक्सप्रेस-वे के अधिकारी सकते में आ गए हैं।
तीन दिनों तक जिले में लगातार हुई बारिश में बल्दीराय के हलियापुर ग्राम पंचायत में कुवांसी-हलियापुर के बीच बने अंडरपास की बीम बृहस्पतिवार की रात नीचे से दरक कर अंडरपास से अलग हो गई है। अंडरपास के ऊपर बनी रेलिंग बारिश में टूटकर बह गई है।
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अंडरपास के पास ही बने फुटपाथ की मिट्टी बहने से गड्ढा हो गया है। बारिश के पानी से सड़क के बहने से मार्ग कई मीटर तक टूट गया है। सड़क जगह-जगह बैठ गई और उसके लेपन वाली गिट्टी बह गई है।
करीब 22 हजार करोड़ रुपये से निर्माणाधीन पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सड़क बहने, अंडरपास की बीम दरकने व रेलिंग बहने की सूचना से कार्यदायी संस्था समेत यूपीडा के अधिकारी सकते में आ गए हैं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने से हड़कंप मचा है। यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक मार्ग का निर्माण एप्को कंपनी करा रही है।
हड़बड़ी में निर्माण बना वजह
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण जल्द पूरा करने की हड़बड़ी ही अंडरपास की बीम दरकने, रेलिंग व सड़क बहने की वजह माना जा रहा है। अन्य विभागों के इंजीनियरों के मुताबिक मिट्टी पटाई के बाद कम से कम एक बारिश उसे बैठने के लिए छोड़ा जाना चाहिए था।
इसके बाद रोलर से उसे दबाने के बाद लेपन आदि का कार्य कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि मिट्टी पटाई के बाद बिना बारिश खाए तत्काल लेपन कराने की वजह से ही बीम, रेलिंग व सड़क बही है।
दोबारा बनवाया जाएगा मार्ग
कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके पांड्या ने बताया कि बारिश में इस तरह का कटान संभव है। इसका दोबारा निर्माण कराया जाएगा। मार्ग की गुुणवत्ता को भी परखा जाएगा।
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