सुल्तानपुर। शादी-ब्याह के सीजन के बीच जिले की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखाओं में नकदी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति सबसे अधिक खराब है, जहां लोग अपनी ही जमा पूंजी निकालने के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश शाखाओं के चेस्ट लगभग खाली हो चुके हैं। बैंक प्रबंधन दिन भर में जमा होने वाली छोटी-मोटी राशि से ही किसी तरह काम चला रहा है। नकदी संकट का असर बीसी सखियों के केंद्रों पर भी पड़ा है, जहां कैश न होने के कारण ताले लटक गए हैं। शाखा प्रबंधक नीलेश विश्वकर्मा ने स्वीकार किया कि दो दिनों से कैश की समस्या है।
मोतिगरपुर निवासी शंभू प्रसाद ने बताया कि वे 20 हजार रुपये के लिए दो दिनों से बैंक दौड़ रहे हैं। वहीं ग्राहक पंकज कुमार ने बताया कि घर में शादी है, लेकिन बैंक से पैसा न मिलने के कारण जरूरी खरीदारी और भुगतान रुके हुए हैं।बैंक अधिकारियों के अनुसार, आरबीआई से तकनीकी कारणों से मांग के मुताबिक नकदी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
बीओबी में दिक्कत, एसबीआई में सामान्य
जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की 144 और एसबीआई की 16 शाखाएं हैं। जहां एसबीआई में नकदी की स्थिति सामान्य है, वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा को छोड़कर लगभग सभी ग्रामीण शाखाएं कैश की भारी किल्लत से जूझ रही हैं।
दो दिनों में सामान्य हो जाएगी स्थिति
लीड बैंक मैनेजर समीर पात्रा ने बताया कि तकनीकी कारणों से आरबीआई से मांग के अनुसार नकदी नहीं मिल पा रही है। अगले दो दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।