सुल्तानपुर। दीवानी न्यायालय, कलेक्ट्रेट व तहसील परिसर में बिना सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) व वैध पंजीकरण के प्रैक्टिस करने वालों पर लगाम लगाने के लिए बार एसोसिएशन ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। निगरानी व जांच के लिए सोमवार को तीन समितियों का गठन भी किया गया है, जो ऐसे लोगों पर नजर रखेंगी और हर दिन की रिपोर्ट अध्यक्ष को सौंपेंगी।
जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार फर्जी तौर पर न्यायालयों में प्रैक्टिस करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने का मुद्दा जोरशोर से उठा था। यही कारण रहा कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कामकाज संभालने के अगले ही दिन रजिस्ट्रेशन व वैध प्रमाणपत्रों के न होने पर प्रैक्टिस पर रोक लगाने की घोषणा की थी। सोमवार को उन्होंने तीन जांच समितियों का गठन भी कर दिया है।
पहली समिति की अध्यक्षता हरीश्वर सिंह करेंगे, सदस्य के तौर पर मनीष कुमार तिवारी व राजेश कुमार शुक्ल को शामिल किया गया है। दूसरी जांच समिति में प्रणव कुमार द्विवेदी अध्यक्ष, अशोक कुमार शुक्ल व कुलदीप पाठक सदस्य और तीसरी समिति में पुष्पलता मौर्या अध्यक्ष, रेखा गुप्ता व ज्ञानेश्वर द्विवेदी को सदस्य बनाया गया है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ये समितियां रोजाना बिना सीओपी व वैध पंजीकरण के प्रैक्टिस करने वालों की जांच करेंगी और रिपोर्ट सौंपेंगी। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।