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भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी के पति पर फायरिंग, बाल-बाल बचे

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सुल्तानपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की भाजपा प्रत्याशी के पति पर रविवार को एसयूवी वाहनों पर सवार लोगों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में बाल-बाल बचे जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी के पति ने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख के समर्थकों के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज की है।
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भारतीय जनता पार्टी की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की उम्मीदवार ऊषा सिंह के पति शिव कुमार सिंह रविवार को वार्ड नंबर छह से जिला पंचायत सदस्य चांदनी किन्नर से मिलने गए थे। चांदनी से मिलने के बाद शिव कुमार अपने वाहन से दोस्तपुर रोड पर मुड़ गए, जबकि चांदनी कादीपुर की तरफ रवाना हो गईं। शिव कुमार सिंह के अनुसार जैसे ही वे दोस्तपुर रोड़ पर मुड़े, तभी पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू के समर्थकों से भरी एक एसयूवी ने उन्हें ओवरटेक किया। जब तक वे कुछ समझते एसयूवी सवार लोगों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में वे बाल-बाल बच गए। उसके बाद शिव कुमार सिंह ने हमलावरों के वाहन का पीछा किया तो वाहन तेजी से भाग निकला।
उन्होंने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही सीओ कादीपुर के साथ ही कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और जांच की। कादीपुर कोतवाल बेंचू सिंह यादव ने बताया कि शिव कुमार सिंह ने फायरिंग की सूचना दी थी। पुलिस के मुताबिक शिव कुमार सिंह की तहरीर पर सुनील सिंह, कुलदीप सिंह, अतुल सिंह, संदीप उर्फ हैंडिल, आकाश सिंह उर्फ फौजी, विक्रम सिंह समेत 8-10 अज्ञात के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख के समर्थकों ने की फायरिंग : शिव कुमार सिंह
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिंह के पति शिव कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू के समर्थक सुनील सिंह, कुलदीप सिंह, अतुल सिंह, संदीप उर्फ हैंडिल, आकाश सिंह उर्फ फौजी, विक्रम सिंह समेत 8-10 अज्ञात लोगों ने फायरिंग की है। इनके खिलाफ घटना की तहरीर कोतवाली में दी है।
आरोप निराधार : मोनू सिंह
पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोनू सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि शिव कुमार सिंह के साथ दो गनर के अलावा उनके असलहाधारी समर्थक भी होते हैं। ऐसे में जवाबी फायरिंग भी होनी चाहिए थी। न किसी ने गोली चलने की आवाज सुनी है न ही मौके से कोई खोखा बरामद हुआ है। न उनके वाहन पर गोली के निशान हैं। यह हताशा का परिणाम व हमें फंसाने की एक और साजिश है।
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