बरौंसा (सुल्तानपुर)। नोटबंदी के बाद जयसिंहपुर कोतवाली के बगल लगा ग्रामीण बैंक का एटीएम जूते-चप्पल की गोदाम बन गया है। एटीएम के बगल जूता चप्पल रखा जा रहा है। बैंक अधिकारी इसके पीछे दुकान मालिक को भाड़ा नहीं मिलना बता रहे हैं।
जयसिंहपुर में कोतवाली के सामने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का एक एटीएम ऐसा लगा है। नोटबंदी के पूर्व तक यह एटीएम कभी-कभार चलता था लेकिन इसके बाद यह बंद हो गया। एटीएम बंद होने से उसे जूते-चप्पल का गोदाम बना दिया गया। दुकान मालिक ने उसमें जूता-चप्पल रख दिया है। एटीएम से पैसा नहीं मिलने से क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों की मानें तो एटीएम लगने के चंद महीनों तक यह काम करता था।
वैसे तहसील क्षेत्र में ग्राहकों की सुविधा के लिए विभिन्न बैंकों के एटीएम लगाए गए हैं। अब स्थिति ये है कि कुछ पर ताले लटक रहे तो कुछ गोदाम बन गए हैं। एटीएम से कैश निकालने की आस में आने वाले ग्राहकों को बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। बैंक मैनेजर सत्यप्रकाश पाठक ने बताया कि ग्रामीण बैंक के एटीएम संचालन का ठेका बोखरांजी फर्म को मिला है। बैंक नोटबंदी के बाद एटीएम में लोड करने के लिए फर्म को पैसा नहीं दे पा रहा है। इसकी वजह से फर्म संबंधित दुकान का भाड़ा मालिक को नहीं दिया। किराया नहीं मिलने से मालिक ने अपनी दुकान का उपयोग करना शुरू कर दिया है।