नोटबंदी को करीब दो माह पूरे होने को हैं लेकिन एटीएम पटरी पर नहीं आ सके हैं। शहर में अधिकतर एटीएम जहां सिर्फ दो हजार रुपये के नोट होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं वहीं ग्रामीण अंचल के एटीएम में कैश ही नहीं है।
हालत यह है कि कैशलेस एटीएम के शटर ही नहीं उठते। आरबीआई ने एटीएम से कैश निकालने की सीमा एक फरवरी से 24 हजार रुपये कर दी है लेकिन ग्रामीण अंचल के लोगों को हजार-दो हजार भी नहीं मिल पा रहे हैं। कैशलेस एटीएम लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। मंगलवार को जिले के 116 में 70 एटीएम खाली रहे।
आरबीआई ने एटीएम से धन निकासी की लिमिट बढ़ा दी है। अब खाताधारक एटीएम से एक सप्ताह में अधिकतम 24 हजार रुपये की निकासी कर सकते हैं। यह व्यवस्था लागू कर दी गई, लेकिन पहले से ही हो रही दिक्कतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मंगलवार को शहर के गोलाघाट स्थित एक्सिस बैंक का एटीएम, बस स्टेशन के निकट स्थित बॉब, विजया बैंक, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, रेलवे स्टेशन रोड स्थित आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक समेत कई एटीएम कैशलेस रहे। एसबीआई, एचडीएफसी व अन्य एटीएम पर कैश मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित एटीएम पर आरबीआई की घोषणा का थोड़ा भी असर नहीं दिखाई दिया।
नोटबंदी के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित एटीएम पर लोगों को जरुरत के मुताबिक कैश नहीं मिल सका है। एटीएम की अव्यवस्था से लगातार लोग परेशान हैं। जिले के कुड़वार, बल्दीराय, हलियापुर, धनपतगंज, कूरेभार, गोसाईगंज, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर, करौंदीकलां, सूरापुर, लंभुआ, कोइरीपुर समेत अन्य स्थानों पर स्थापित अधिकांश एटीएम मंगलवार को कैशलेस रहे। एटीएम पर पहुंचे लोगों ने बताया कि लिमिट बढ़ाने से कुछ नहीं होगा। कैश लोड होने से ही व्यवस्था पटरी पर आएगी। मंगलवार को जिले में स्थापित विभिन्न बैंकों के 116 एटीएम में 70 कैशलेस रहे।