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Sultanpur News: ठंड में अस्थमा व टीबी के मरीजों की बढ़ी परेशानी

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काउंटर पर दवा लेने के लिए लगी मरीजों की भीड़। - फोटो : काउंटर पर दवा लेने के लिए लगी मरीजों की भीड़।
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सुल्तानपुर। धीरे-धीरे बढ़ती ठंड ने अस्थमा व टीबी के रोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मेडिकल कॉलेज में इस समय सांस और टीबी रोग से पीड़ित मरीजाें की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार को 1734 लोगों ने पंजीयन कराया। इसमें सांस से जुड़े 120 मरीज रहे। चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. आरपी द्विवेदी ने बताया कि सांस लेने में कठिनाई, खांसी, सीने में जकड़न व दर्द, सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना अस्थमा के लक्षण हैं। ऐसे मरीजों को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की दिशा में खानपान सुधारना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए रात को सोते समय गुनगुने दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पीयें। कहा कि इससे क्षय रोगियों का ठंड से बचाव होगा।
उन्होंने ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को भी ठंड के मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठंड में परेशानी होने पर बिना चिकित्सीय सलाह के किसी दवा का सेवन न करें। फुल आस्तीन के गर्म कपड़े पहनें और मौसम ठंडा होने पर घर से बाहर निकलने से परहेज करें।
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ठंड से बचाव के उपाय
गर्म कपड़े, ऊनी कपड़े और दस्ताने पहनें, खासकर जब घर के बाहर हों।
गर्म पेय पदार्थ पीये, अदरक, तुलसी की चाय या गर्म दूध।
नियमित हल्का व्यायाम करें, ताकि शरीर गर्म रहे।
ज्यादा ठंड होने पर घर के अंदर ही रहें और ठंडी हवा से बचें।
गीले कपड़ों को तुरंत बदलें, क्योंकि वे शरीर की गर्मी तेजी से कम करते हैं।

टीबी का प्रसार रोकने के उपाय
दूसरों के आसपास रहने पर माॅस्क पहनें।
खांसते या छींकते समय मुंह-नाक को टिश्यू से ढकें।
इस्तेमाल टिश्यू को बंद बैग में डालकर सुरक्षित फेंकें।
कमरे में ताजी हवा आने दें और जब ज्यादा ठंड न हो तो पंखे का इस्तेमाल करें।
डॉक्टर की बताई गईं दवाओं का नियमित इस्तेमाल करें।
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