सुल्तानपुर। चांदा क्षेत्र में आशा बहु पर हुए जानलेवा हमले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। आशा सम्मेलन का आशा बहुओं ने बहिष्कार करते हुए आशा बहु पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारियों के मान मनौव्वल के बाद भी आशा बहुएं आशा सम्मेलन में शामिल नहीं हुई। दोपहर बाद आशा बहुओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया।
मंगलवार को पंडित रामनरेश त्रिपाठी सभागार में प्रत्येक वर्ष की तरह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिलाधिकारी थीं। कार्यक्रम में जिले के 13 ब्लॉकों से तकरीबन एक हजार आशा बहुएं पहुंची थीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का इंतजार किया जा रहा था। तभी कुड़वार ब्लॉक की आशा बहुओं का प्रतिनिधित्व कर रही बहु आशा कल्याण समिति की अध्यक्ष किरन शुक्ला और भदैंया ब्लॉक की गुंजा सिंह ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
दोनों का आरोप था कि सोमवार को चांदा क्षेत्र के दमकड़ा (गारवपुर) की आशा बहू ज्ञाना देवी पर गांव के ही प्रधान के पति जितेंद्र सिंह ने जानलेवा हमला किया था। हमले के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और आशा बहु ज्ञाना देवी को धमकी दे रहे हैं। आशा सम्मेलन में मौजूद जिला कार्यक्रम प्रबंधक संतोष कुमार ने बार-बार आशा बहुओं को समझाया-बुझाया लेकिन वे नहीं मानीं। आखिरकार आशा सम्मेलन रद्द कर दिया गया।