सुल्तानपुर। अग्निकांड में फसल व अन्य सामान के नुकसान की भरपाई के लिए 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने के आदेश का पालन विद्युत निगम नहीं कर रहा है। क्षतिपूर्ति के लिए परिवादी करीब 15 साल से जिला उपभोक्ता आयोग का चक्कर काट रहा है।
शुक्रवार को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) पवन कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। गिरफ्तारी वारंट एसपी के पास भेजा गया है।
सदर तहसील के जुड़ारा गांव निवासी रामअवध के पुत्र सत्य नरायन, संतराम व सुरेंद्र वर्मा ने नलकूप के लिए विद्युत कनेक्शन लिया था। इसमें विद्युत आपूर्ति नहीं हो रही थी और बार-बार स्पार्किंग हो रही थी। शिकायत के बावजूद खराबी ठीक नहीं कराई थी। 24 अप्रैल 2002 को ट्रांसफार्मर से आग की लपट उठने लगी थी, और उसी से निकली चिंगारी से खलिहान में आग लग गई थी। परिवादी सत्य नरायन की गेहूं व अरहर की फसल और चारपाई व तख्त जल गया था। इसमें 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ था।
नुकसान की क्षतिपूर्ति नहीं मिलने पर सत्य नरायन और उसके भाइयों ने जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली थी। एक जनवरी 2010 को जिला उपभोक्ता आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आरएस वर्मा व सदस्य किरन यादव ने विद्युत निगम के चेयरमैन व अधिशासी अभियंता को एक माह में 20 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति परिवादी को देने का आदेश दिया था।
विद्युत निगम ने क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया। परेशान होकर परिवादी ने दोबारा आयोग का दरवाजा खटखटाया है। शुक्रवार को आयोग ने एक्सईएन पवन कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। मामले में अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी।