दोस्तपुर (सुल्तानपुर)। दोस्तपुर कस्बे में स्थित मझुई नदी के शाही पुल से जुड़ी अप्रोच की दीवार बारिश से शनिवार रात में ढह गई। दीवार (पैरापेट) ढहने से हाईवे की सड़क कमजोर हो गई है।
सूचना लगते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग कराकर आवाजाही रोक दी। मार्ग बंद किए जाने से बस्ती से लेकर प्रयागराज तक आवाजाही बाधित हो गई है। दीवार ढहने के पीछे अवैध निर्माण से बारिश के पानी की निकासी का अवरुद्ध होना बताया जा रहा है।
दोस्तपुर कस्बे में अंबेडकरनगर जनपद के हाईवे पर मंजूषा (मझुई) नदी पर बने करीब तीन सौ मीटर लंबे शाही पुल के अप्रोच की दीवार शनिवार की रात करीब 11 बजे अचानक भर-भराकर ढह गई।
पुल से जुड़ी अप्रोच की दीवार ढहने से सड़क कमजोर हो गई है। सूचना पर रात में ही पहुंची पुलिस ने आवाजाही रोक दी। सुबह पीडब्ल्यूडी व प्रशासन के साथ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मार्ग पर बैरिकेडिंग कराते हुए चार पहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद करा दिया।
इंजीनियरों के मुताबिक चार पहिया वाहनों के आवाजाही से सड़क टूटकर गिरने की आशंका है। मार्ग पर सिर्फ साइकिल व बाइक से आवाजाही की छूट दी गई है।
अप्रोच की दीवार ढहने से बस्ती, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ जनपद से लेकर प्रयागराज मार्ग का सीधा सफर प्रभावित हुआ है। अप्रोच की दीवार ढहने पर मामला अंबेडकरनगर व सुल्तानपुर जनपद की सीमा को लेकर रविवार की दोपहर बाद तक उलझा रहा।
अंबेडकरनगर का लोक निर्माण विभाग पुल व अप्रोच के गिरे हिस्से को सुल्तानपुर जनपद की सीमा में और सुल्तानपुर का पीडब्ल्यूडी विभाग पुल व क्षतिग्रस्त अप्रोच को अंबेडकरनगर की सीमा में बताता रहा।
दोपहर बाद स्थिति साफ होने के बाद अंबेडकरनगर के प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी व पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर मौके पर पहुंचे। अंबेडकरनगर प्रशासन ने मार्ग को बंद कराकर पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को जल्द मरम्मत का निर्देश दिया है। फिलहाल पुल से वाहनों की आवाजाही बंद है।
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता रविकांत रजक ने बताया कि शासन से हाईवे के निर्धारण में पूरा शाही पुल व क्षतिग्रस्त अप्रोच का हिस्सा अंबेडकरनगर जनपद के पीडब्ल्यूडी के क्षेत्र में है। रिकॉर्डों से बात साफ हो गई है। अंबेडकरनगर जनपद अप्रोच की देखरेख कर रहा है।
आगा अली खां ने कराई थी मरम्मत
दोस्तपुर कस्बे में मंजूझा (मझुई) नदी पर स्थित मुगलकालीन शाही पुल करीब 400 वर्ष पहले लाखौरी ईंटों, चूना व सुर्खी से बनवाया गया था। पुल पर मिले शिलालेख के मुताबिक शाही पुल की एक बार मरम्मत मुगल तालुकेदार अली आगा खां ने 1270 हिजरी में कराई थी। तब से मरम्मत के अभाव में पुल कमजोर होता गया। अप्रोच से सटकर घरों व दुकानों का निर्माण करा लिए जाने की वजह से बारिश के पानी की निकासी भी नहीं हो पा रही थी। इसकी वजह से अप्रोच की दीवार ढह गई।
करीब 30 किमी बढ़ जाएगा सफर का दायरा
शाही पुल से आवाजाही बंद होने से चार पहिया वाहनों को करीब 30 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना होगा। दोस्तपुर से अंबेडकरनगर जाने वालों को या तो बिरसिंहपुर, सेमरी होते हुए जाना होगा या फिर मालीपुर होते हुए अंबेडकरनगर जाना होगा।
इसी तरह अंबेडकरनगर से आने वालों को भी घूमकर आना होगा। अंबेडकरनगर की ओर से रोडवेज बसें के दोस्तपुर की ओर और सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ व प्रयागराज से अंबेडकरनगर, बस्ती की ओर से बसें इस मार्ग से सीधे नहीं जा सकेंगी। इसकी वजह से यात्रियों को परेशानी होगी।