सुल्तानपुर। जिले के दुल्लापुर गांव के अंसार का शव संदिग्ध हालात में मंगलवार की रात लखनऊ जिला कारागार में फंदे से लटका मिला। करीब पांच माह पूर्व जिले के कुड़वार थाने की पुलिस ने उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया था। चार दिसंबर को लखनऊ में उपचार कराने के बाद वह फरार हो गया था। लखनऊ पुलिस ने बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था।
कुड़वार थाना क्षेत्र के दुल्लापुर गांव निवासी अंसार (43) को पुलिस ने 10 अगस्त 2021 को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार करके जेल भेजा था। जेल में बंद अंसार को 29 अगस्त को खून की उल्टी होने पर जेलर अपूर्व व्रत पाठक ने बंदी रक्षक अभिषेक कुमार और रामबली निषाद की सुरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
जिला अस्पताल के चिकित्सक ने तीन दिसंबर को अंसार को केजीएमयू लखनऊ के लिए रेफर कर दिया था। तीन दिसंबर को दोनों बंदी रक्षक अंसार को लेकर केजीएमयू पहुंचे थे। वहां चार दिसंबर को दोनों बंदी रक्षकों को चकमा देकर अंसार फरार हो गया था। केजीएमयू पुलिस चौकी में अंसार के फरार होने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
बाद में लखनऊ पुलिस ने अंसार को गिरफ्तार कर जिला कारागार लखनऊ में निरुद्ध किया था। जिला कारागार लखनऊ में अंसार बैरक नंबर 17 में बंद था। मंगलवार को उसका शव जूट की रस्सी के सहारे एंगल में फंदे से लटका मिला। अंसार की मौत की सूचना कारागार प्रशासन लखनऊ ने मंगलवार की रात उसके घर वालों को दी। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रात में ही परिवारीजन लखनऊ के लिए रवाना हो गए।