लंभुआ। स्थानीय पशु चिकित्सालय में तैनात सहायक ने पशुपालक को बछड़ों को कीड़े मारने की दवा अधिक मात्रा में दे दी। पहले ही खुराक में दो बछड़े तड़पने लगे। रविवार को एक, तो सोमवार को दूसरे बछड़े ने दम तोड़ दिया। पशुपालक उन्हें बचाने के लिए पशु अस्पताल ले गए, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई।
सर्वोदय नगर निवासी द्वारिका प्रसाद अग्रहरि के पास कई गोवंश हैं। उनके यहां मौजूद दो गायों ने 45 व 28 दिन पहले बछड़ों को जन्म दिया था। शनिवार को द्वारिका प्रसाद अग्रहरि ने स्थानीय पशु चिकित्सालय पहुंच कर कीड़े मारने की दवा मांगी। इसपर पशु सहायक हरि शंकर सिंह ने उन्हें दवा दी। उन्होंने बछड़ों के लिए बड़े मवेशियों को दी जाने वाली खुराक पिलाने को बताई। शनिवार की शाम द्वारिका ने दोनों बछड़ों को दवा पिलाई तो उनकी हालत बिगड़ गई।
रविवार को एक बछड़े को लेकर वे पशु चिकित्सालय पहुंचे, तो वहां कोई नहीं मिला। रविवार को उसने दम तोड़ दिया। सोमवार को सुबह से ही दूसरे बछड़े की हालत बिगड़ी, तो उसे भी लेकर पशु चिकित्सालय गए। इलाज के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। दोनों बछड़ों की मौत से पशुपालक के परिवार में शोक की लहर है।
अनजाने में हो गई गलती
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद तिवारी ने बताया कि नई दवा आई है। पशु सहायक से पशुपालक को दवा की मात्रा बताने में गलती हो गई। प्रकरण की जानकारी है, उन्होंने माना कि यह अनजाने में गलती हुई है।