अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज (एआईपीएस) में डिग्री दिलाने के नाम पर हुए फर्जीवाड़े के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। संस्थान को सील कर दिया गया है। एआईपीएस के संचालक, प्राचार्य समेत तीन आरोपी पहले से जेल में हैं। छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इनके छह सहयोगियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि बिना मान्यता संचालित अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज को सील कर दिया गया है। छात्रा सलोनी, प्रिंशू तिवारी, ज्ञानमती, कोमल, प्राची, सूर्यकली और रुचि की ओर से शिकायत मिली है। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज में प्रभावित छात्र-छात्राएं सीएमओ और जिला विद्यालय निरीक्षक के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अन्य संस्थानों से जुड़े विद्यार्थी भी उस दिन अपनी समस्याएं रख सकते हैं।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि फर्जी संस्थाओं पर कार्रवाई तय है। मंगलवार को छात्र-छात्राओं को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। जो भी संस्थान बिना मान्यता संचालित हैं, उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उनके खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।
न्याय मिलने में देरी, छात्राएं परेशान
14 सितंबर को एआईपीएस में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। छात्राएं अमेठी कोतवाली में धरने पर बैठीं, जिसके बाद केस दर्ज किया गया। उसी समय संचालक आजम उर्फ प्रिंस सहित तीन लोगों को पकड़कर जेल भेजा गया। अन्य छह आरोपियों को पुलिस अब तक पकड़ नहीं सकी है। यहां एएनएम का कोर्स कर रहीं छात्राएं जौनपुर, नोएडा और बरेली में संचालित कॉलेजों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। फीस के नाम पर उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है। छात्राओं का कहना है कि वे एआईपीएस में कोर्स की फीस जमा कर चुकी हैं, लेकिन उनका एडमिशन ही नहीं कराया गया है। समय बीतता जा रहा है, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।