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हमने चरखे को नमन किया और फांसी वालों को भूल गए...

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सुल्तानपुर। अमर उजाला की ओर से आयोजित काव्य कैफे में मंगलवार शाम कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। हंसी ठहाकों से पूरा सभागार गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में कवियों के साथ प्रयोजकों को भी सम्मानित किया गया।
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शहर के सिविल लाइन स्थित पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार में मंगलवार की शाम होली की मस्ती और कविताओं से गुलजार रही। कवि गजेंद्र प्रियांशु ने सरस्वती गीत के साथ कवि सम्मेलन की शुरुआत की। सबसे पहले हास्य कवि हेमंत पांडेय ने मोदी की वैक्सीन को लेकर अपनी कविता सुनाकर लोगों को खूब हंसाया। ‘मंदिर के नाम पर कहीं दंगा ना हो जाए...’ पर लोगों ने खूब तालियां बजाई।
बॉलीवुड फिल्मों में संवाद व डायलॉग लेखन का कार्य कर रहे युवा कवि रितेश सिंह रजवाड़ा ने बलिदान दिवस पर तीन क्रांतियों को याद करते हुए नमन किया। ‘तू मोहब्बत नहीं समझती है, हम भी अपनी अना में जलते हैं, इस दफा बंदिशें जियादा हैं, छोड़ अगले जनम में मिलते हैं’ की लोगों ने खूब सराहना की।
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रितेश ने ‘हम से आगे जिंदगी के जाबिए मत पूछिए, हम दीवाने हैं दीवानों के पते मत पूछिए’ सुनाया। शहीद दिवस पर बलिदानियों को नमन करते हुए ‘हमने चरखे को नमन किया और फांसी वालों को भूल गए...’ गीत ने लोगों को भावुक कर दिया।
कवि ताराचंद तन्हा ने अपनी कविता हम धन के लिए अपने दूषित मन के लिए, हमेशा एक-दूसरे से खूब लड़े हैं, शायद उसी का नतीजा है, आज गोले में खड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने ‘साथ सदा हल्के लोगों का मन भारी करता है, साथ रहे भारी तो मन हल्का होता है।’
कवि गजेंद्र प्रियांशु ने प्रेम पर अपनी कविता पेश किया। ‘राह छोड़ो मेरी या मिलो राह में, बांह में लो मुझे या मिलो बांह में, प्यार में जो करना हो जल्दी करो, जाने क्या चल रहा हो अमित शाह में’ पर लोगों ने खूब तालियां बजाई। यूं मिलने मिलाने चले आइए, फिर नया गुल खिलाने चले आइए।
डॉ. सर्वेश अस्थाना ने अपने काव्य पाठ की शुरुआत ‘कहते हैं तो कहने भी दो, कहा करें कहने वाले, मंजिल तो पा ही जाते हैं, राहों पर चलने वाले’ व लाखों विष की फुफकारें हम झेल गए हंसते-हंसते, हम चंदन की आस्तीन हैं, पला करें पलने वाले’ से लोगों का मनोरंजन किया।
कवि तेज नारायण बेचैन ने ‘हे मल्लिकाएं हुश्न अंधे भिखारी को पांच रुपये दे दो... व दो विधवाएं आपस में बातचीत कर रहीं थी तो एक ने कहा, मुझे इन सुहागिनों पर तरस आता है, कम से कम हमें तो पता है कि हमारे पति कहां हैं’ तंज कसते हुए लोगों को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। देर रात तक सभागार में काव्य की रसधार बहती रही।
नगर पालिका चेयरमैन ने किया शुभारंभ
अमर उजाला के काव्य कैफे का शुभारंभ नगर पालिका चेयरमैन बबिता जायसवाल व उनके प्रतिनिधि जिपं सदस्य अजय जायसवाल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। सभी आमंत्रित कवियों व अतिथियों को भी अमर उजाला की ओर से सम्मानित किया गया।
प्रायोजकों का हुआ सम्मान
अमर उजाला काव्य कैफे के आयोजन में गनपत सहाय पीजी कॉलेज, कमला नेहरू संस्थान, श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज कलान, सेंट जेवियर्स सीनियर सेकंडरी स्कूल, शेम्फोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल, अरा स्कूल ऑफ नर्सिंग, रतनदीप हीरो, लिटिल फ्लावर्स पब्लिक स्कूल, आचार्य चाणक्य पीजी कॉलेज सेमरी, पंडित राम किशोर रामकेदार त्रिपाठी महाविद्यालय व मंगलम फैशन का सहयोग रहा। कार्यक्रम में गनपत सहाय पीजी कॉलेज के प्रबंधक ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी, केएनआई के प्राचार्य डॉ. राधेश्याम सिंह, शेम्फोर्ड स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. अजय तिवारी, सेंट जेवियर्स स्कूल के प्रबंधक रत्नेश कुमार, रतनदीप हीरो के एमडी दीपक जैन, लिटिल फ्लॉवर्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रमोद पांडेय, मंगलम फैशन के अमित त्रिपाठी शामिल हुए। सभी प्रायोजक को अमर उजाला की ओर से सम्मानित करते हुए स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
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