बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को पीएम मोदी और सीएम अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। वे सुल्तानपुर और अमेठी के बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में इसौली विधानसभा क्षेत्र के महेशरगंज में जनसभा को संबोधित कर रही थीं। मायावती ने कहा कि नोटबंदी के बाद जिन कार्यकर्ताओं ने छोटी पूंजी को एक हजार और पांच सौ रुपये में तब्दील कराकर पार्टी फंड के लिए रखा था।
वह सारा पैसा नोटबंदी के बाद दिल्ली के नेशनल बैंक में जमा कराया गया। आज मोदी पूछ रहे हैं कि वह 100 करोड़ रुपये कहां से आया। दरअसल मोदी ने नोटबंदी कर बसपा को जड़ से खत्म करने की कोशिश की थी लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले से 10 माह पूर्व ही भाजपा के बड़े नेताओं और धन्नासेठों का काला धन सफेद कर दिया गया था।
मायावती ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि अगर सपा सरकार ने कानून-व्यवस्था पर अच्छा काम किया होता तो उन्हें आज अमेठी और सुल्तानपुर में एक ही दिन में पांच सभा करने को मजबूर न होना पड़ता। उन्होंने सदर क्षेत्र के विधायक अरुण वर्मा का नाम लिए बगैर कहा कि एमएलए पर बलात्कार और हत्या का आरोप लगे लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। मायावती ने अल्पसंख्यकों और दलितों को सचेत करते हुए कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो उनका उत्पीड़न बढ़ेगा। आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही भाजपा दलितों का आरक्षण खत्म कर सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास कोई सीएम का चेहरा नहीं है और सपा का चेहरा दागी है।