अमेठी। रामलीला मैदान में सीएम की सभा के लिए मंच तैयार था। 12.45 समय तय था। भीड़-भाड़ भी हो गई थी। छोटे नेता भाषण देने में मशगूल थे। सीएम को आने में देर थी। घड़ी की सुईयां 1.20 बजा रही थीं। तभी सूबे के परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति मंच पर आ गए। उन्होंने माइक थामा और खुद के ऊपर दर्ज गैंग रेप और पॉक्सो मुकदमे पर सफाई देनी शुरू कर दी। कहा कि जनता की अदालत में हूं... जनता जो निर्णय देगी मान्य है। वे पूरी तरह निर्दोष हैं।
उन्हें मोदी और अमित शाह ने फंसाया है। महिला पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने चित्रकूट में पहले भी दूसरे लोगों पर इस तरह के मुकदमे दर्ज करवा रखे हैं। यह कहते-कहते गायत्री अचानक फफक कर रो पड़े। उन्होंने गले में लटके गमछे से आंसू पोंछे फिर बात आगे बढ़ाई। इसके बाद भी उनके आंसू थमे नहीं। बीच-बीच में वे अपने हाथों से आंसू पोंछते रहे। कहा कि अब वे इस मंच पर नहीं रहेंगे।
उनके दोनों बेटे उनकी ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत करेंगे। साथ ही यह भी जोड़ा कि अब वे किसी भी मंच पर तब तक नहीं चढ़ेंगे जब तक जनता उन्हें इस लायक नहीं बनाती। 11 तारीख को जनता ने इस लायक बनाया, तभी वे मंच पर चढ़ेंगे। इसके बाद मंत्री ने करीब 1.35 बजे यह कहते हुए मंच छोड़ दिया कि अब वे जनता के बीच जा रहे हैं। गायत्री के मंच छोड़ने के करीब 10 मिनट बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सभा स्थल पर पहुंचे।